June 27, 2026

जज्बे को सलाम:-जब सैनिक बेटे की अर्थी को मां ने दिया कंधा तो हर कोई रोने लगा-

Spread the love

*जज्बे को सलाम:-जब सैनिक बेटे की अर्थी को मां ने दिया कंधा तो हर कोई रोने लगा…*

 

*लाडले की यह बात आती रही याद*

 

भारतीय सेना की 14 पंजाब रेजीमेंट के सिपाही गुरप्रीत सिंह की तैनाती आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्र सोपोर में हुई थी। चार महीने पहले उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में थी। मंगलवार को वह मुस्तैदी के साथ ड्यूटी दे रहे थे। इसी वक्त उन्हें कुछ घबराहट महसूस हुई तो उन्हें सैन्य अस्पताल ले जाया गया। जहां ह्रदय गति रुकने से उनका देहांत हो गया। बुधवार को उनके पैतृक बटाला के गांव मलकपुर में पूरे सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार कर दिया गया। तिब्बड़ी कैंट से पहुंची सेना की 11 गढ़वाल यूनिट के जवानों ने शहीद सैनिक गुरप्रीत सिंह को सलामी दी। इससे पहले तिरंगे में लिपटी सिपाही गुरप्रीत सिंह की पार्थिव देह को श्रीनगर से एयरलिफ्ट कर अमृतसर राजासांसी एयरपोर्ट लाया गया। जहां से सैन्य वाहन में पार्थिव शरीर गांव मलकपुर लाया गया। तिरंगे में लिपटा गुरप्रीत का पार्थिव शरीर जब गांव पहुंचा तो हर ग्रामीण की आंखें नम हो गईं। बेटा कहता था मां अगर मुझे कुछ हो गया तो रोना मत तिरंगे में लौटे सिपाही गुरप्रीत सिंह का पार्थिव शरीर जब घर पहुंचा तो मां कुलविंदर कौर सूनी आंखों से एक टक शहीद बेटे को निहार रही थीं। मां कुलविंदर कौर ने बताया कि शहीद गुरप्रीत सिंह कहता था कि अगर ड्यूटी के दौरान कभी मुझे कुछ हो गया तो रोना मत क्योंकि जब एक सैनिक वर्दी पहन लेता है तो उसकी जिंदगी देश की अमानत बन जाती है। इसलिए मैं रोऊंगी नहीं। मां कुलविंदर के इस जज्बे को देख हर कोई नम आंखों से उन्हें सलामी दे रहा था।