April 22, 2026

रेप मामले में पॉक्सो अदालत का कड़ा रुख, कोतवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर पेश होने का आदेश-

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रेप मामले में पॉक्सो अदालत का कड़ा रुख, कोतवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर पेश होने का आदेश-

 

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में 14 साल की मूक बधिर किशोरी से रेप मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है कोर्ट ने इस मामले में क्राइम ब्रांच अमेठी में तैनात निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ साक्ष्य देने में लापरवाही बरतने के लिए सारे प्रभार से मुक्त कर गवाही देने के लिए हाजिर कराने का आदेश दिया है. इसके साथ ही स्पेशल जज पवन कुमार शर्मा ने भूपेंद्र सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उनके वेतन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है|

 

अदालत ने पुलिस अधीक्षक अमेठी को आदेश दिया है कि भूपेंद्र सिंह को 21 जून की तारीख के लिए सभी प्रभार से मुक्त करते हुए साक्ष्य के लिए पेश कराया जाए. दरअसल ये मामला जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 14 साल की किशोरी से हुए रेप के मामले में 9 मई को तत्कालीन जयसिंहपुर कोतवाल भूपेंद्र सिंह को साक्ष्य पेश करने के लिए तलब किया गया था. जिन्होंने उस दिन अपना मुख्य बयान दर्ज कराया था, लेकिन जिरह शेष रह गई थी. तब से करीब 5 पेशियों में वो लगातार गैरहाजिर चल रहे हैं. जबकि अदालत से उनके खिलाफ बीडब्ल्यू और एनबीडब्ल्यू की कार्रवाई भी जारी की गई. भूपेन्द्र सिंह इन दिनों अमेठी जिले में क्राइम ब्रांच में निरीक्षक पद पर तैनात है|

 

जानिए क्या है पूरा मामला?

 

दरअसल जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र में एक पिता ने अपनी 14 साल की बेटी से रेप के मामले गांव के ही रहने वाले आरोपी मोहन धुरिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप के मुताबिक लड़की की तबियत काफी दिनों से खराब चल रही थी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान पता चला की किशोरी गर्भवती है. लेकिन वो गूंगी बहरी थी जिसकी वजह से आरोपी का नाम नहीं बता सकी. परिजनों के पूछने पर पीड़िता ने लिखकर आरोपी का नाम बताया और उसकी फोटो से भी पहचान की. इस मामले में पुलिस ने आरोपी मोहन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था|

 

21 जून को होगी अगली सुनवाई

 

इस मामले पर अब अगली सुनवाई 21 जून को होनी है ऐसे में कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया है कि सुनवाई के जिन निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह को गवाही के लिए पेश किया जाए. कोर्ट के इस कड़े रुख से भूपेंद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ गई है|