लखनऊ–
यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ के एक निर्देश से नए मंत्री सख्ते में आ गए है ।आदेश विभागीय मंत्रियों को 100 दिनों की कार्ययोजना के प्रजेंटेशन को लेकर है।इस आदेश ने नए मंत्रियों की मुसीबत बढ़ा दी ।आज कई मंत्री अपने कार्यालयों में प्रमुख सचिव के साथ प्रजेंटेशन की तैयारियों में जुटे दिखे।सबसे ज्यादा पसीना पहली बार मंत्री बने मंत्रियों को बहाना पड़ रहा है।मंत्री के कार्य और विभागीय कार्यशैली सीखने से पहले ही 100 दिन कार्ययोजना बनानां नए मंत्रियों के लिए किसी मुसीबत से कम नही है ।ऊपर से सीएम योगी का यह भी निर्देश है कि विभागीय प्रजेंटेशन प्रमुख सचिव नही करेगा।मंत्रियों को खुद आने विभाग की कार्ययोजना रखनी होगी। मंत्री संजय निषाद,धर्मपाल सिंह ,सूर्य प्रताप शाही,जितिन प्रसाद, अनिल राजभर, सहित दर्जनों मंत्रियों ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य योजना के प्रजेंटेशन को तैयार किया ।सभी विभागीय मंत्री इस दौरान मुलाकात से दूरी बनाए रहे ।
गौरतलब है कि सीएम इस बार शपथ लेने के बाद से ही एक्शन में दिख रहे है।बैठक में मंत्रियों को कार्यो के प्रति जबाबदेह बनने की हिदायत दे रहे है।इसी का नतीजा है कि मंत्री सीएम के निर्देश को गंभीरता से ले रहे है। मंत्री अपना रिपोर्ट कार्ड शुरू से ही सही करने में लगे है क्योंकि अब मंत्रियों के कार्यों की समीक्षा साल में तीन बार की जाएगी पहली समीक्षा 100 दिन बाद दूसरी समीक्षा , 6 महीने बाद और तीसरी समीक्षा 1 साल में की जाएगी। इसी के आधार पर मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा।

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