September 28, 2026

*मृत महिला को जिंदा बताकर की धनउगाही*

Spread the love

– *एपेक्स अस्पताल के डॉक्टरों की संवेदनहीनता पर हंगामा*

– *परिजनों के पूछने पर मरीज के ठीक होने का दिया आश्वासन*

वाराणसी। शासन-प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद निजी अस्पतालों की मनमानी जारी है। ताजा मामला ककरमत्ता स्थित एपेक्स हॉस्पिटल से जुड़ा है। जहां मृतक को दो दिन तक जिंदा बताकर तीमारदारों से धनउगाही की गई। इतना ही नहीं, डेथ सर्टिफिकेट भी नहीं दिया गया। परिजनों ने मंगलवार को हंगामा किया तो लाश उनको सौंपी गई।
बिहार के भभुआ निवासी योगेन्द्र कुमार की पत्नी नीरज देवी (25) को तेज बुखार था। योगेन्द्र ने 23 फरवरी को एपेक्स अस्पताल में उसे भर्ती कराया। उपचार के दौरान डॉक्टर ने एमआरआई करने की बात कह कर नीरज को वेन्टीलेटर पर रख दिया। योगेन्द्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि एमआरआई के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। इसी बीच, नीरज की तबीयत बिगड़ने लगी। उसके मुंह से झाग आ रहा था। इसपर घबराकर वह डॉक्टर के पास पहुंचा तो चिकित्सक ने बताया कि फीवर आने की वजह से झाग आ रहा है। इसपर योगेन्द्र संतुष्ट हो गया। उसने बताया कि वेन्टीलेटर पत्नी से मिलने नहीं दिया जा रहा था। इसपर योगेन्द्र को चिकित्सक पर शंका हुई। इस बीच, वेन्टीलेटर पर रख कर पैसे की बराबर मांग की जा रही थी। वहीं मेरे द्वारा बार-बार पत्नी का हाल पूछने पर उसकी हालत सही बताई गई। मंगलवार को अचानक सुबह 11 बजे पत्नी की मौत होने की जानकारी मिली। जब हम लोगों ने डेथ सर्टिफिकेट की मांग की और ये जानना चाहा की पत्नी को सिर्फ बुखार था तो कैसे उसकी मौत हो सकती है। इसपर अस्पताल प्रबंधन ने प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया। साथ ही लाश देने के एवज में और पैसे की मांग करने लगे। इसकी जानकारी अपने रिश्तेदारों और परिजनों को दी गई तो मौके पर काफी लोग पहुंच गए। दबाव बढ़ता देखकर अस्पताल प्रबंधन ने लाश और प्रमाण पत्र दे दिया।
साभार