*राजस्व संपत्ति बचाने का डीएम का दिया गया आदेश हवा हवाई*
*6 महीने बीत जाने के बाद भी डीएम के आदेश पर रत्ती भर आगे नहीं बढ़ सके मंझनपुर उप जिलाधिकारी*
*राजस्व विभाग से सांठगांठ कर सरकारी भूमि पर फिर शुरू हुआ अवैध कब्जा*
*कौशाम्बी* सरकारी राजकीय संपत्तियों को बचाने में तहसील प्रशासन पूरी तरह से लापरवाह है जिससे राजकीय संपत्तियों में कब्जा करने वालों के हौसले बुलंद हैं आए दिन सरकारी संपत्तियों में कब्जे हो रहे हैं और सरकारी संपत्तियों को बचाने के जिम्मेदार सांठगांठ कर अभिलेखों में हेराफेरी कर अधिकारियों से लेकर शासन तक को गुमराह करने में संकोच नही कर रहे हैं फिर भी राजकीय संपत्ति बचाने में लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों पर ठोस कार्यवाही नहीं हो रही है जिससे राजकीय संपत्तियों का लगातार अहित हो रहा है तमाम मामले सामने आने के बाद भी दोषियों पर ठोस कार्यवाही नहीं हो रही है ताजा मामला मंझनपुर तहसील क्षेत्र के नगर पालिका परिषद मंझनपुर अंतर्गत ओसा का है
जानकारी के मुताबिक मंझनपुर तहसील क्षेत्र के नगर पालिका परिषद मंझनपुर अंतर्गत ओसा ग्राम सभा की आराजी संख्या 750 मॉडल स्कूल हेतु अधिकृत किया गया है लेकिन इस भूमि पर जितेंद्र उर्फ गोपाल वा शैलेन्द्र कुमार आदि जबरिया कब्जा कर रहे हैं मामले की शिकायत दीपू तिवारी आदि ने जिला अधिकारी से की इस मामले में दीपू तिवारी ने जिला अधिकारी के न्यायालय में मुकदमा भी दाखिल किया मुकदमे की सुनवाई के दौरान जिला अधिकारी ने 26 जुलाई 2021 को दिए गए अपने आदेश में स्पष्ट लिखा है कि प्रश्न गत प्रकरण में राजकीय संपत्ति का हित निहित है अतः किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी और उप जिलाधिकारी मंझनपुर को निर्देशित किया जाता है कि वह रिट याचिका संख्या 65 460 सन 2013 में पारित आदेश दिनांक 13 अप्रैल 2018 के विरुद्ध उच्च न्यायालय में स्पेशल अपील अभिलंब दाखिल करना सुनिश्चित करें जिला अधिकारी न्यायालय ने अपने आदेश में लिखा है कि किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी लेकिन जिलाधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश के 6 महीने बाद भी उप जिला अधिकारी मंझनपुर ने उक्त भूमि को बचाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की है जिससे भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और उन्होंने सरकारी संपत्ति पर 2 दिन से फिर कब्जा करना शुरू कर दिया है आखिर राजस्व की संपत्तियों को बचाने में तहसील प्रशासन द्वारा इतना हीला हवाली क्यों की जा रही है यह बड़ी जांच का विषय है और जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश वाद संख्या 00 297 सन 2021 को संज्ञान लिया तो उप जिला अधिकारी की लापरवाही उजागर होना तय है लेकिन क्या जिलाधिकारी अपने आदेश को पुनः संज्ञान लेंगे या फिर जिलाधिकारी के आदेश उप जिला अधिकारी रद्दी में डाल कर लापरवाह बने रहेंगे और राजकीय संपत्ति का अहित होता रहेगा यह राजस्व व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा हl

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