*खतरे का निशान छूने को बेताब गंगा*
*▪️आज रात्रि एक बजे गंगा लांघेगी खतरे का निशान*
*▪️जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 10 सेंटीमीटर नीचे, बनारस में 20 घण्टे अहम, बाढ़ का बड़ा खतरा आसन्न, गलियों में घुस रहा पानी*
वाराणसी। काशी में आज सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 70.96 मीटर था जो रात्रि 8 बजे जलस्तर 71 .16 मीटर दर्ज हुआ। अब गंगा खतरे के निशान से 71.26 मीटर से मात्र 10 सेमी ही नीचे है। यही हाल रहा तो आज रात्रि एक बजे तक गंगा खतरे के निशान को लांघ सकती है। केंद्रीय जल आयोग ने आंकड़े बताते हुए कहा कि अभी भी गंगा काशी में 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार बढ़ रही है। अगले कुछ घण्टे में गंगा खतरे के निशान को पार कर तबाही मचाने के लिए शहर के आबादी वाले इलाकों में प्रवेश कर सकती है। गंगा में लगातार बढ़ते जलस्तर से अब नदी किनारे बसी कालोनी में रहने वाले लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ती जा रही हैं।
रविवार की शाम तक नगवां,मदरवा, मारुति नगर में पानी घुसने के कारण सैकड़ों घरों में रहने वाले परिवार प्रभावित हुए हैं। गलियों में घुटने से ऊपर पानी भरने से लोगों ने घरों से सामान निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। बीते दो दिनों में गंगा का जलस्तर डेढ़ मीटर से ऊपर बढ़ चुका है। अभी प्रति घंटे दो सेंटीमीटर तक गंगा का जलस्तर बढ़ाव पर बना हुआ है। दोपहर बाद बारिश के बाद दुश्वारियों ने अपना सिर दोबारा उठाया है, जबकि पीछे मप्र और राजस्थान आदि की नदियों में बांध का पानी छोड़े जाने के बाद लगातार जलस्तर अब बढ़ना तय है। चंबल का पानी गंगा में उफान का मुख्य कारण बन रहा तो गंगा के पलट प्रवाह के चलते वरुणा भी तबाही मचाने को आतुर दिख रही हैं।
*बाढ़ प्रभावित इलाकों में 24 नावों का संचालन*
गंगा के साथ वरुणा में जलस्तर बढ़ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद के लिए तहसील प्रशासन की ओर से कुल 24 नावों को लगाया गया है। नावों से लोगों को लगातार अन्य जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है। बताया गया कि सुबह 7 से शाम 7 बजे तक कोनिया से लेकर सरैया तक पानी में घिरे पीडि़त परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। अब तक तीन हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। एक नाव पर दो सहायक तैनात हैं। बता दें कि वरुणा नदी में हर साल बाढ़ आती है, लेकिन 2013 की स्थिति काफी भयावह थी। इस दौरान लोगों को भारी नुकसान हुआ था। हालांकि 2016 और 2018 की बाढ़ ने लोगों को काफी परेशान किया था।
संवाददाता
सत्य वीर सिंह
वाराणसी

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