दुमका :- (झारखंड)
– – – – – – – – – – – – –
*C.I.B. की दुमका ईकाई के प्रखंड सहयोगी टीम से हुआ जालसाजी के गुरू का पर्दाफाश*
🔹️जिले के सरैयाहाट प्रखंड अंतर्गत खोजवा गाँव का ‘राजेश’ नाम के व्यक्ति ने अपने फोटो के साथ “झारखंड राज्य सूचना आयोग , रांची” के माननीय मुख्य सूचना आयुक्त के नेम-प्लेट का वर्षों से इस्तेमाल करते हुए प्रखंड कार्यालय से लेकर जिला कार्यालय तक के कर्मियों को करता था ब्लैकमेल । और दवाब देकर निकलवाता था निर्दोष कर्मी के विरूद्ध झूठे आरोप से संबंधित फर्जी विभागीय आदेश । और मामले को रफा-दफा करवाने के नाम पर डरे-सहमे कर्मियों से करता था मोटी रकम की वसूली ।
🔹️ राज्य सूचना का आयुक्त बनकर नीचे दर्जे के सरकारी कर्मियों को भयभीत कर मनमाने तरीके से गलत काम करवाने में माहिर राजेश नाम के व्यक्ति की शिकायत जब झारखंड राज्य सूचना आयोग से की गई, तो आयोग द्वारा सच पाते हुए इसे नोटिस तलब किया गया । नोटिस मिलते ही इस जालसाज का उतर गया रंग । जिससे भयभीत होकर आनन-फानन में तुरंत अपने व्हाट्सऐप में फोटो बदलते हुए महीनों तक बनाए रखा था हाथ जोड़ा हुआ अपना फोटो ।
🔹️भारत निर्वाचन आयोग के साथ भी जालसाजी करते हुए इस जालसाज ने अपने दो अलग-अलग नाम से बनवा रखा था फर्जी वोटर कार्ड । जिसमें राजेश रंजन के नाम से वोटर-कार्ड संo है- GHT1871367(01-01-2009 को 26 वर्ष) और राजेश कुमार झा के नाम से दूसरा वोटर-कार्ड संo है- GHT1743424(01-01-2003 को 22 वर्ष)
🔹️अपने दोनों वोटर-कार्ड का इस्तेमाल करते हुए जालसाजी के तहत कई सरकारी योजना में गलत लाभ लेने का आदी हो चुके राजेश नाम के इस व्यक्ति ने अपने 72 वर्षीय बूढ़े पिता को 26 साल का बनाकर पिता के नाम से 2011 में बनवाया मनरेगा का फर्जी लेबर-कार्ड । जिसमें खुद के उम्र को 37 वर्ष की जगह 19 वर्ष और अपने पिता के फोटो की जगह लगाया अपना फोटो ।
🔹️ फर्जी लेबर-कार्ड का खुलासा तब हुआ जब पाया गया पिता और पुत्र में सिर्फ 7 साल का अंतर । अर्थात् 7 वर्ष की उम्र के पिता को हुआ छोटे पुत्र की प्राप्ति ।
🔹️ घर में चारपहिया वाहन(बोलेरो), दो-दो सरकारी नौकरी(माँ शिक्षिका, भाई शिक्षक), अच्छी खासी जमीन , दो-दो दोपहिया वाहन एवं सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त काफी आर्थिक सम्पन्नता के बावजूद इस बिचौलिए ने फर्जी लेबर-कार्ड के जरिए कई सरकारी योजना में धोखाघड़ी के जरिए लाखों रू0 की सरकारी राशि का किया गबन ।
🔹️ गाँव के कम पढ़े-लिखे लोगों को खुद के बारे में एक वकील बताकर कभी करता रहा ठगी का काम , तो कभी सूचना आयुक्त बनकर सरकारी कर्मियों को ब्लैकमेल कर करता रहा परेशान ।
🔹️ ठीक से हिन्दी तक में भी नहीं लिख पानेवाले मुश्किल से मात्र 9 वीं/10 वीं पास इस बिचौलिए ने अपने नाम का बना-रखा है अलग-अलग जन्मतिथि वाले जाली सर्टिफिकेट ।
🔹️ अपनी सारी कारगुजारी का खुलासा हो जाने एवं धोखाघड़ी और जालसाजी के होनेवाले मामले से बौखलाए इस उपद्रवी ने उजागरकर्ताओं को जान से मारने का भी कर चुका है कई बार प्रयास । जिस संदर्भ में नजदीकी थाना में पूर्व में ही दर्ज कराया जा चुका है सनहा ।
🔹️ धोखाघड़ी, जालसाजी और अन्य कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रह चुके इस व्यक्ति का उजागर और अग्रेतर कार्रवाई से क्षेत्र के कई पीड़ित ग्रामीण द्वारा सुकून महसूस करते हुए C.I.B.टीम को दिया धन्यवाद ।
सुशील झा





More Stories
रविवार शाम झारखंड में जमशेदपुर के शास्त्रीनगर में दो समुदायों के बीच हुई नारेबाज़ी और पथराव के बाद हालात तनावपूर्ण- कौशिक वगाड़िया
झारखंड के चतरा में पुलिस मुठभेड़ में पांच नक्सली ढेर-
झारखंड में दरिंदगी की सारी हदें पार, महिला को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया, जूते चप्पलों से पीटा-