May 1, 2026

कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश- अजय मिश्रा

Spread the love

*भाग-01*

———————–

*कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश*

 

– कोविड-19 की रोकथाम के लिए ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के साथ सभी जिलों में जारी कोशिशों के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। एक समय जिस उत्तर प्रदेश के लिए विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि यहां मई के पहले सप्ताह ने एक लाख पॉजिटिव केस हर दिन आएंगे वहां आज कुल 84,880 एक्टिव केस ही हैं। 30 अप्रैल के 3 लाख 10 हजार एक्टिव केस की पीक की स्थिति को देखें तो मात्र 22 दिनों में एक्टिव केस में 72.7 फीसदी की कमी आई है, जबकि वर्तमान में रिकवरी दर 93.8 फीसदी हो गई है।

 

– कोविड से बचाव में टीका-कवर की महत्ता को देखते हुए प्रदेश सरकार वृहद टीकाकरण अभियान संचालित कर रही है। 18 से 44 आयु वर्ग के 10,67,368 लोगों ने टीका-कवर प्राप्त किया है। प्रदेश में अब तक कुल 1,62,75,813 वैक्सीन डोज एडमिनिस्टर हुए हैं। एक ओर जहां विभिन्न राज्य टीकाकरण अभियान बंद कर रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में लगातार वैक्सीनेशन का दायरा बढ़ाया जा रहा है। आगामी एक जून से सभी जिला मुख्यालयों पर 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। इस संबंध में आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं।

 

– प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट के स्थापना की कार्यवाही अभियान के रूप में संचालित हो रही हैं। भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 286 नए ऑक्सीजन प्लांट की स्वीकृति प्रदान की है। उद्योग जगत से सीएसआर के माध्यम से और राज्य सरकार द्वारा एसडीआरएफ फंड से भी ऑक्सिजन प्लांट स्थापित कराए जा रहे हैं। सभी जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए इस कार्य की दैनिक मॉनीटरिंग कराया जाना सुनिश्चित करें। सभी जिलों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना कार्य के सतत अनुश्रवण के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए।

 

– आज मैंने झांसी और बांदा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। दोनों ही स्थानों पर टीम ने अच्छा कार्य किया है, इसे और बेहतर किया जा सकता है। कोविड की तीसरी लहर के दृष्टिगत झांसी में नवनिर्मित 500 बेड के अस्पताल को यथाशीघ्र क्रियाशील किया जाए। हमीरपुर में संचालित 100 बेड के अस्पताल को दोगुनी क्षमता के साथ सुदृढ़ किया जाए।

 

– एग्रेसिव टेस्टिंग की नीति के अनुरूप विगत 24 घंटों में प्रदेश में 03 लाख 17 हजार 684 टेस्ट किए गए। इसमें 1,48,103 सैम्पल केवल आरटीपीसीआर के माध्यम से जांचे गए हैं। वर्तमान में प्रदेश का कोविड पॉजिटिविटी रेट 1.6 फीसदी रह गया है। टेस्टिंग में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक टेस्टिंग करने वाला राज्य है। हमें टेस्टिंग और तेज करनी होगी।

 

– प्रदेश के सभी जनपदों में ऑक्सीजन की पर्याप्त बैकअप के साथ उपलब्धता सुनिश्चित रहे। होम आइसोलेशन के मरीजों को भी सहजता से ऑक्सीजन की आपूर्ति बनी रहे। सभी अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों में बैकअप सहित ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता रहे। प्रदेश में ऑक्सीजन की मांग में निरन्तर कमी आ रही है। राज्य में पर्याप्त बैकअप के साथ ऑक्सीजन की उपलब्धता है। बीते 24 घंटों ने 648 एमटी ऑक्सीजन वितरित की गई। इसमें मेडिकल कॉलेजों में 217 एमटी ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई। मेडिकल कॉलेजों में अब तीन दिन तक का बैकअप हो गया है। होम आइसोलेशन के मरीजों को कल 2575 सिलिंडर की आपूर्ति कराई गई। 68 एमटी प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को उपलब्ध कराया गया। ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति में संतुलन है। यह व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए।

 

 

 

*भाग-02*

 

*कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश*

 

– विगत चार वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की दिशा में अच्छा कार्य किया है। विशेषज्ञ तीसरी लहर का भी अनुमान लगा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के सभी जनपदों की सीएचसी और पीएचसी में उपकरणों की मरम्मत, क्रियाशीलता, परिसर की रंगाई-पुताई, स्वच्छता और मैन पावर की पर्याप्त उपलब्धता के संबंध में विशेष कार्यवाही आवश्यक है। इस कार्य में माननीय सांसद और विधायक गण से लेकर नगरीय निकायों के महापौर, चेयरमैन और पार्षद गणों का सहयोग अपेक्षित है। जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करते हुए नियमित अंतराल पर सीएचसी/पीएचसी का निरीक्षण कराएं। चिकित्सकीय उपकरणों सहित व्यवस्था सुधार के कार्यों में जनप्रतिनिधि की विकास निधि से वित्तीय सहयोग के लिए आग्रह किया जाए। बेसिक शिक्षा विभाग में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ की तर्ज पर स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन विभाग में भी अभियान चला कर व्यवस्था सुदृढ़ किया जाना चाहिए।

 

– पोस्ट कोविड अवस्था में कतिपय लोगों में ब्लैक फंगस का संक्रमण देखने में आ रहा है। कई जिलों में इससे संक्रमित मरीज उपचाराधीन हैं। राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ समिति से परामर्श करते हुए ब्लैक फंगस से प्रभावित व्यक्तियों के उपचार की पूरी व्यवस्था की जाए। सभी जनपदों में ब्लैक फंगस के उपचार हेतु पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। दवाओं के संबंध में भारत सरकार से सतत संपर्क बनाए रखा जाए। निजी अस्पतालों में इस बीमारी का इलाज करा रहे मरीजों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए।

 

– कोविड संक्रमण के कारण जिन बच्चों के माता-पिता का देहांत हो गया है, उनके भरण-पोषण और समुचित देखभाल की जिम्मेदारी राज्य सरकार द्वारा निभाई जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। कार्ययोजना तैयार करते समय नवजात, शिशु, बालक, किशोर आदि आयु वर्ग की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए।

 

– ग्रामीण इलाकों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए निगरानी समितियों द्वारा स्क्रीनिंग/टेस्टिंग का वृहद अभियान संचालित कर प्रत्येक लक्षणयुक्त तथा संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति को मेडिसिन किट उपलब्ध करायी जा रही है। अभियान के आशातीत परिणाम मिल रहे हैं। अतः इसे 31 मई तक जारी रखा जाना उचित होगा। सेक्टर मैजिस्ट्रेट इसकी सतत निगरानी करते रहें। सभी जनपदों में मेडिसिन किट एवं एंटीजन किट की पर्याप्त उपलब्धता रहे। किसी भी जनपद में इनकी कमी नहीं होनी चाहिए।

 

– सभी जनपदों में कम्युनिटी किचन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को फूड पैकेट उपलब्ध कराया जाए। डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जाए, जिससे आम जनता को आवश्यक सामग्री की सुचारु आपूर्ति होती रहे।

 

– जापानी इंसेफेलाइटिस और एईएस पर प्रभावी नियंत्रण कर बच्चों को सुरक्षित जीवन देने की दिशा में उत्तर प्रदेश ने पूरी प्रतिबद्धता से कार्य किया है। आज इस बीमारी से मृत्यु की संख्या में 95 फीसदी तक कमी आ चुकी है। जेई की रोकथाम में हमारा अनुभव कोरोना की तीसरी लहर में अति उपयोगी होगा। सभी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 बेड के पीकू की स्थापना की कार्यवाही तेजी से पूरी की जाए। यह कार्य 20 जून तक पूर्ण कर लिया जाए।