*वृहद कोविड टीकाकरण के संबंध में उच्चस्तरीय समिति को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश*
– भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार सभी नागरिकों को कोविड का निःशुल्क टीका-कवर उपलब्ध करा रही है। 45 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों का टीकाकरण भारत सरकार के सौजन्य से संचालित किया जा रहा है। जबकि 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को राज्य सरकार के संसाधनों से टीका-कवर उपलब्ध कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक टीकाकरण करने वाला राज्य है। 18 से 44 आयु वर्ग के साढ़े 10 लाख लोगों को टीका कवर प्राप्त हो चुका है। ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश अकेला राज्य है। वैक्सीनेशन का कार्यक्रम पूरी तेजी के साथ संचालित किया जाए।
– विभिन्न वैज्ञानिक परीक्षणों में यह सिद्ध हो चुका है कि कोविड वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं। कोविशील्ड हो अथवा कोवैक्सीन, दोनों ही कोविड से बचाव के उत्तम विकल्प हैं। कतिपय ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोगों को टीका लेने में संकोच होने की खबरें आई हैं। उन्हें वैक्सीन के दुष्प्रभाव को लेकर आशंका है। यह आशंका निर्मूल है। पूरी तरह आधारहीन है। अधिकाधिक लोगों को जागरूक किया जाए। जनप्रतिनिधि गणों को टीकाकरण केंद्रों पर आमंत्रित किया जाए। यह आमजन के लिए उत्साहवर्धक होगा।
– समस्त प्रदेशवासियों को यथाशीघ्र टीका-कवर से आच्छादित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। टीके की आपूर्ति के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया गया है। यह प्रयास हो कि अधिकाधिक वैक्सीन निर्माता कम्पनियां इसमें भागीदार बनें। सभी कम्पनियों से सतत संवाद बनाये रखा जाए। भारत सरकार द्वारा अभी तीन वैक्सीन के प्रयोग की अनुमति दी गई है, जबकि कई अन्य वैक्सीन के संबंध में विचार किया जा रहा है। इसकी प्रगति पर सतत नजर रखी जाए।
– जिन अभिभावकों के बच्चे 12 वर्ष से कम आयु के हैं, उनका टीकाकरण प्राथमिकता के साथ किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में विधिवत कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। हर जिले में ‘अभिभावक स्पेशल’ बूथ बनाये जाएं। अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें टीकाकरण के लिए आमंत्रित करें। यह अभिभावक के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा के लिए उपयोगी होगा। इसे अभियान के रूप में संचालित किया जाना चाहिए।
– वैक्सीन की आपूर्ति लगातार बेहतर हो रही है। वर्तमान में प्रदेश के 23 जिलों में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण हो रहा है। अब एक जून से प्रदेश के सभी जिलों में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। वैक्सीनेशन कार्यक्रम तय करते समय वैक्सीन की उपलब्धता का ध्यान रखें। भारत सरकार और दोनों टीका निर्माता कम्पनियों से सतत संवाद बनाये रखा जाए। मांग-आपूर्ति में संतुलन बनाये रखा जाए। गांवों में भी बूथ बनाये जाएं।
– कोविड टीका की हर एक बूंद अमूल्य है। लगातार प्रयासों से वैक्सीन वेस्टेज में कमी आई है। 18 से 45 आयु वर्ग में वैक्सीन वेस्टेज न के बराबर है। बेहतर प्लानिंग करके इस क्रम को सतत बनाये रखा जाए।

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