⚡दस्तावेज पर 467 सदस्यों का फर्जी हस्ताक्षर व निष्कासन के बाद भी क्लब में जबरन प्रवेश का आरोप।
कृष्ण मोहन उर्फ बग्गा
****************
⚡वाराणसी : शहर के प्राचीन क्लबों में शुमार प्रभु नारायण यूनियन क्लब (पीएनयू क्लब), कैंटोमेंट वाराणसी के मौजूदा पदाधिकारियों ने कुछ पूर्व पदाधिकारियों पर लगातार संस्था को बदनाम करने और तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया है। जिसके बाद वर्तमान अध्यक्ष अशोक वर्मा के साथ प्रबंध समिति ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। प्रबंध समिति के प्रार्थनापत्र पर उच्चाधिकारियों के आदेश से पिछले ढ़ाई महीने पहले क्लब की आफिस का ताला तोड़कर की गई चोरी के संबंध में क्षेत्राधिकारी कैंट (IPS) व अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ (IS) द्वारा जांच की जा रहीं थी। उक्त घटना मे दोषी पाये गये सचिव डॉ रितेश जायसवाल, संजय खरे, सुशील सोनी, दीपक मिश्रा, मनोज जायसवाल व अन्य के खिलाफ कैंट थाने में धारा 457,380 IPC के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। क्लब के पूर्व अध्यक्ष रमेश गिनोडिया ने क्लाउन टाइम्स से बातचीत में कहा कि सचिव डॉ रितेश जायसवाल द्वारा लगातार प्रबंध समिति पर बेबुनियाद आरोप लगाकर क्लब के संविधान की धज्जियाँ उड़ाईं जा रही हैं ये हमलोगों को बर्दाश्त नहीं। उन्होंने कहा कि 28 दिसंबर 2018 को अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 के तहत आदेश दिया गया था कि क्लब को स्थायी रूप से बंद कर 3 जनवरी 2019 को सुचित करें। जिसके बाद 2 जनवरी 2019 को अध्यक्ष अशोक वर्मा के साथ प्रबंध समिति विधि सलाह के लिए हाईकोर्ट गये। उसके बाद 3 जनवरी को एसीएम चतुर्थ को एक पत्रक के माध्यम से अपनी बातों को कहा। पत्रक में हमलोग ने धारा 133 का जवाब देतें हुए कहा कि क्लब सार्वजनिक स्थल नहीं है जहां कि आसपास के लोगों को दिक्कत होती है। इससे कोई शांति भंग नहीं होती। इस तरह की धारा क्लब के अंदर नहीं आती और जो भी मामला है वह प्रबंध समिति के मध्य है ना की बाहर का ।
और इस तरह का आदेश देने से पहले क्लब के प्रबंध समिति का पक्ष सुने बगैर बंद नहीं करा सकते। जिलाधिकारी महोदय के व्यस्तता के कारण 8 जनवरी को डेट मिली है। *दो मामलों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए दिया जायेगा पत्रक : रमेश गिनोडिया* ⚡(1) सचिव डॉ रितेश जायसवाल द्वारा पिछले वर्ष 3 अक्टूबर व 10 नवंबर को मिटिंग दिखाकर 467 लोगों का दस्तावेज पर फर्जी हस्ताक्षर लिया गया है। उन्होंने ने दिखाया है कि क्लब का पुरा परिसर भरा हुआ है। जो सरासर फर्ज़ी है। यें फर्जी सभा दिखायें है। इस मामलें में भी प्रबंध समिति के लोग जिलाधिकारी से मिले जिलाधिकारी महोदय ने बातों को सुना और एसीएम चतुर्थ को जांच कर एफआईआर करने का आदेश दिया। ⚡(2) संविधान की धारा 27 (घ) से सचिव डॉ रितेश जायसवाल को क्लब से निष्कासित कर दिया गया। बावजूद ये बिना विधि के क्लब में जबरन प्रवेश कर रहे हैं और भय व्यापक माहौल बना रहे हैं। इस पर भी एफआईआर दर्ज करने के लिए कैंट थाने में जल्द ही दिया जायेगा पत्रक। ⚡
www.mvdindianews.in

More Stories
Link Slot Bet 200 300 400 Paling Menjanjikan di QQ88 2026
Menang Mudah di BEJO88 Slot Gacor Hari Ini Deposit 5000
JABAR88 Situs Slot Gacor Maxwin Malam Ini Meledak Parah!