वाराणसी: अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने वाले प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर से बड़ा हमला बोला है. उन्होंने बुलंदशहर घटना में बजरंग दल के पदाधिकारी के पकड़े जाने के बाद सीधे-सीधे कहा कि इस पूरी घटना की साजिश पहले से ही रची गई थी और साजिश रचने वाले भी बीजेपी और बजरंग दल के लोग ही थे.
उन्होंने कहा कि यह तो जांच में साफ हो चुका है और डीजीपी प्रमुख सचिव भी कर चुके हैं कि इस पूरी घटना में कई लोगों ने साजिश रची थी जो चीजें अब सामने आ रही हैं वहीं ओमप्रकाश राजभर ने बीजेपी को 100 दिन का अल्टीमेटम भी दिया है और कहा है कि अगर 27% आरक्षण लागू नहीं किया जाता है तो अब 2019 के बाद में सरकार के साथ नहीं रहूंगा.
ओमप्रकाश राजभर बीजेपी सरकार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर भी हमला बोला. ओमप्रकाश राजभर ने राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने से पहले कोर्ट के फैसले का इंतजार किए जाने पर प्रधानमंत्री के बयान को लेकर कहा कि मैंने पहले ही कहा था कोई मंदिर बनने वाला नहीं है. जब कांग्रेस आती है तो बीजेपी पर इसका दोषारोपण करती है. जब बीजेपी आती है तो कांग्रेस को बोलती है यह सब मंदिर बनाने के पक्ष में है ही नहीं सिर्फ बातें हो रही हैं.
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि बेरोजगारों को रोजगार देने की बात कोई नहीं कर रहा. 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने को लेकर बार-बार बोला जा रहा है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है. इसलिए वह आठ दिवसीय जिला स्तरीय प्रदर्शन करने के बाद अब मंडलीय स्तरीय प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है. अगर सरकार तब भी नहीं चेती तो 2019 चुनाव के बाद वह सरकार के साथ नहीं रहेंगे.
वहीं ओमप्रकाश राजभर ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर भी सीधा सवाल उठाया.उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था लचर है. इसमें कोई शक नहीं है. हालात बहुत खराब हैं. मैं भी जेल से लेकर हर जगह का निरीक्षण करता रहता हूं देखने में आता है कि कौन क्या व्यवस्था के तहत काम कर रहा है.
निश्चित तौर पर बुलंदशहर की घटना गाजीपुर में सिपाही की हत्या यह सब यह साफ कर रहा है कि कानून-व्यवस्था ठीक नहीं है. ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि बुलंदशहर की घटना के बाद डीजीपी प्रमुख सचिव ने भी यह कह दिया है की साजिश रची गई थी. साजिशकर्ता कौन है आप खुद जान लीजिए. चीजें सामने हो चुकी हैं क्यों बीजेपी नेता बजरंग दल के नेता ही पकड़े जा रहे हैं इसका मतलब साफ है कि इन लोगों ने ही पूरी प्लानिंग की थी.
29 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से गाजीपुर में की गई रैली पर भी सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अब तक डाक टिकट दिल्ली से जारी होते थे, लेकिन ओमप्रकाश राजभर की बढ़ रही ताकत को देखते हुए बीजेपी ने सीधे-सीधे प्रधानमंत्री को मैदान में उतार दिया और डाक टिकट गाजीपुर से जारी किया गया. ओमप्रकाश राजभर ने कहा की जब मैं आवाज उठाने लगा तुम मुझ को फंसाने की भी साजिश रची गई.
उन्होंने कहा कि अगर मुझे पता होता कि मेरा निजी सचिव इतना ताकतवर है तो अपने संबधी के ट्रेन टिकट को कंफर्म कराने के लिए मैं अमित शाह और मुख्यमंत्री कार्यालय को लेटर ना लिखकर सीधे-सीधे अपने सचिव से कहता कि भाई तुम इतने ताकतवर हो मेरा काम करवा दो.
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