⚡वाराणसी विगत वर्ष 2018 में 14 नवंबर को रंभा देवी नें कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अर्दली बाजार स्थित एक निजी अस्पताल के डॉ. यशवंत सिंह नें आपरेशन के दौरान उनकी किडनी चुरा ली थी। डॉ. यशवंत सिंह आरोप को झूठा बताते हुए आई.जी. विजय सिंह मीणा से शिकायत दर्ज की थी। जांच में किडनी चोरी करने का महिला रंभा देवी का आरोप झूठा निकला और जांच में एक साजिश के तहत डॉ. यशवंत सिंह सें 50 लाख रुपया धन उगाही का मामला प्रकाश में आया। आई. जी. के निर्देश पर चिकित्सक जे.पी.नंदा, टीवी चैनल सुदर्शन से जुड़े एक पत्रकार प्रशांत सिंह, चंद्रशेखर फाउंडेशन के हिमांशु सिंह व रंभा देवी पर 3 दिसंबर 2018 को मुकदमा दर्ज किया गया था ।
आज नामजद चार में एक रंभा देवी के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जे.पी. यादव नें दिनांक 2:1:019 को गैर जमानती वारंट जारी किया है। ज्ञात हो कि चंदौली जिले के जसुरी गांव निवासिनी रंभा देवी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के लिए मामले की विवेचना कर रही कैंट पुलिस नें अदालत से अपील की थी ।
अब देखना है कि बाकी अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस कब तक गिरफ्तारी करने हेतु कदम उठाती है ।
डॉ. यशवंत सिंह नें आईएमए जैसी डॉक्चरों की संस्था के असहयोग करने के बाद भी अपने प्रतिष्ठा पर आई आंच के बचाव में अकेले ही लड़ रहे है और मुकदमा वापस ले समझौता करने के दबाव को नकारते हुए डॉ. यशवंत सिंह ने अपनी लड़ाई अकेले ही लड़ते हुए आज एक आरोपित की गिरफ्तारी हेतु गैर जमानती वारंट जारी करवाने में सफलता प्राप्त कर सभी चिकित्सकों के लिए नजीर बन कर उभरे है। अब देखना है एनजीओ, राजनीति व पत्रकारिता को बदनाम करने वाले हिमांशु सिंह व प्रशांत सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस क्या कदम उठाती है ।
⚡ ” रिपोर्टर – कृष्ण मोहन उर्फ बग्गा

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