देनी होगी अर्जेंसी एप्लीकेशन…..
अपराधिक मामलों जमानत अर्जी,अरेस्ट स्टे, बंदी प्रत्यक्षीकरण आदि मामलों की सुनवाई के लिए अर्जेंसी एप्लिकेशन फ्रेश व दाखिल हो चुके मामलों में देने की जरुरत नहीं है। वहीं सिविल के मामले में अर्जेंसी एप्लिकेशन की आवश्यकता है। अर्जेंसी एप्लिकेशन स्वीकार होने के बाद ही सिविल के मामले पीठ के समक्ष भेजे जाएंगे।हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के चैंबर नहीं खुलेंगे। परिसर में सभी के लिए फेस मास्क व फिजिकल दिस्टेंसिंग का पालन करने की अनिवार्यता रहेगी।

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