मिर्जापुर: इश्क का जुनून जब परवान चढ़ता है तो कुछ प्रेमी युगल पूरी सामाजिक व्यवस्था को नकार देते हैं। परिवारीजन व समाज उन्हें दुश्मन नजर आने लगते हैं। बाद में सब कुछ गंवाने के बाद जब उन्हें धोखा मिलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। ऐसा ही मामला मिर्जामुराद क्षेत्र का है।
यौन शोषण के आरोप में युवक जेल गया तो गर्भवती युवती बिन ब्याही मां बन गई। जेल में बंद युवक ने मासूम को अपना बच्चा मानने से इन्कार कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर सोमवार को पुलिस ने युवक के साथ ही मासूम बच्चे को उसकी मां संग कोर्ट में पेश किया। मजिस्ट्रेट के समक्ष डीएनए टेस्ट के लिए दोनों के नमूने लिए गए। इसके लिए जिला अस्पताल से टीम पहुंची थी। पुलिस द्वारा पितृत्व-निदान के लिए ब्लड व स्वैब के नमूने लिए गए जिन्हें जांच के लिए लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है।
बताते चलें कि मिर्जामुराद थानांतर्गत एक गांव की 20 वर्षीय युवती को उसके ही पड़ोस के युवक ने प्रेम जाल में फंसा लिया। इसके बाद शादी का झांसा देकर युवक कई माह तक युवती का यौन शोषण करता रहा। युवती गर्भवती हो गई। युवती अब जब भी शादी की बात करती, युवक टाल-मटोल करने लगता। युवक क्षेत्र के ही एक महाविद्यालय में बीए का छात्र है। गत छह मई में युवती के पिता ने सुजीत पटेल के खिलाफ दुष्कर्म व एससी/एसटी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। गत 18 जून को आरोपित युवक ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। उसके जेल जाने के बाद पीड़िता एक मासूम बच्चे की मां बन गई। उधर, प्रेमी ने हाईकोर्ट में अपील की है कि उसे गलत फंसाया गया है। यह बच्चा उसका नहीं है, इसकी सच्चाई के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाना जरूरी है। पीड़िता ने भी अपने बयान में परीक्षण पर सहमति दे दी थी। डीएनए टेस्ट से पता चलेगा कि नवजात शिशु का पिता वह है या नहीं। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कारवाई होगी।

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