संपादक की कलम से ,
सिया राम मिश्र , लखनऊ ।
उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ ने वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार देने का फैसला
किया हे । कैबिनेट ने मंगलवार को अशासकीय माध्यमिक विद्यालय ( वित्त विहीन ) में कार्यरत शिक्षकों को ‘ मुख्यमंत्री अध्यापकन पुरस्कार ‘ से सम्मानित किये जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी ।
राज्य सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने एमबीडी इन्डिया न्यूज को बताया कि प्रदेश में 19275 वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय है । इन विद्यालयों के अध्यापकों को किसी तरह का पुरस्कार सरकार से नहीं मिलता है । इसका उत्साहवर्द्ध करने के लिए सरकार ने यह प्रस्ताव तैयार किया है । प्रदेश में कुल 18 मंडल हैं और हर मंडल से एक अध्यापक का पुरस्कार के लिए चयन होगा । पुरस्कृत अध्यापक को सरकार 25 हजार रुपये देगी ।
उत्तर प्रदेश सरकार हर वर्ष 25 दिसंबर को अटल जी की जयंती मनाएगी और यह पुरस्कार दिया जाएंगा ।
पुरस्कार योजना को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से जोड़ा है । यह पुरस्कार हर वर्ष 25 दिसंबर को अटल की जयंती पर दिये जाएंगे । पूर्व प्रधानमंत्री के निधन के बाद सरकार ने उनके नाम पर कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है ।
इस पुरस्कार के लिए सरकार ने गाइड लाइन तैयार कर रही है ।प्रमुख रूप से इसके लिए शिक्षकों की नियमित 15 वर्ष और प्रधानाचार्य को 20 वर्ष की सेवा जरूरी होगी । शिक्षा के क्षेत्र में 75 प्रतिशत योगदान भी
जरुरी है ।





More Stories
किसी को देखते ही उसके भीतर छिपी मंशा को जान लेना, हम कितने बड़े भ्रम में-
अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को बड़ा झटका-
अचानक गायब हुआ अतीक पर गोलियां बरसाने वाले शूटर लवलेश का परिवार, घर पर लगा ताला-