ब्यूरो रिपोर्ट। बीते शुक्रवार को राजभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाली मां और बेटी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती थी, जहां मां की मौत हो गयी और बेटी बच गयी। इस पूरे मामले में गुड़िया ने एसपी से लेकर जिले और लखनऊ की पुलिस तक पर गंभीर आरोप लगाए हैं । साथ ही सिविल हास्पिटल में कैदियों जैसा व्यवहार किए जाने की भी बात भी कही है।
गुड़िया ने बताया कि 16 तारीख को मैंने डीआइजी फैजाबाद को सूचना दी की मेरे खिलाफ यहां के कुछ दबंग और राजनैतिक लोग हैं, जो मेरे परिवार को मार डालना चाहते हैं। इन सब में पुलिस प्रशासन भी मिला हुआ है। इसपर डीआइजी ने आश्वासन दिया था कि वो कार्रवाई करेंगे। जब 6 तारीख को मैं उनके पास पुनः गई उन्होंने कहा अब यहां से काम नहीं होगा। आगे गुड़िया ने बताते हुए कहा कि मैंने डीआइजी आप से बोला यही बात आप उसी दिन कह देते जो आप आज हमे बुलाकर क्यों कह रहे हैं। उन्होंने कहा जो करना है कर लीजिए। उसी समय मैने वहां की स्थानीय मीडिया को बुलाकर आत्मदाह करने का प्रयास किया।
यूपी की राजधानी लखनऊ में लोकभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाली युवती गुड़िया की सुरक्षा अब अमेठी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। यही कारण है कि बुधवार देर शाम सूफीया (55) के अंतिम संस्कार के बाद अमेठी पुलिस कड़े सुरक्षा व्यवस्था में गुड़िया को इलाज के लिए लेकर देर रात सुल्तानपुर जिला अस्पताल पहुंची। जहां उसने जमकर हंगामा काटा। उसने अमेठी पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठाए। साथ ही अपनी मां की मौत का जिम्मेदार अमेठी के एक राजनेता को बताया। अब पुलिस के लिए ये पता लगाना अहम हो गया है कि आखिर वो राजनेता कौन है जिससे पीड़िता को जान का खतरा है |

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