MVD INDIA NEWS .
सिया राम मिश्र वाराणसी .
10 अक्टूबर 2018 , दिन बुधवार
वर्तमान समय व परिवेश में बदलती जीवन शैली , जीने का तौर-तरीका , भाग-दौड़ की जिन्दगी में किसी के पास किसी के लिए भी समय नहीं है । यहां तक कि कभी-कभी तो खुद के लिए भी समय नहीं निकल पाता है जिसके परिणामस्वरूप होती है मानसिक बीमारी , तनाव या अवसाद का शिकार हमारा शरीर , कोई लोग जानकर भी चिकित्सक के पास नहीं जाते है और संकोच करते हैं या शर्म महसूस होता है । ऐसा कभी नहीं करना चाहिए । थोड़ी सी सावधानी से बड़ी बीमारी से बचा जा सकता है । तेजी से फैल रही इस बीमारी के प्रति जनमानस में जनजागरूकता पैदा करने के लिए ही हर साल 10 अक्टूबर को मानसिक स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है । इस दिन पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया ।
सीएमओ डा. वीबी सिंह ने बताया कि उदास होना या सस्त रहना , बेवजह शक करना , चिंता, घबराहट ,उलझन , बेचैनी , अकारण भय लगना या आत्महत्य का प्रयास करना , बेहोशी या मिर्गी के दौरे पड़ना , भूत-प्रेत की बातें करना , ऐसी आवाजें सुनना जो किसी और को न सुनाई देती हों …..

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