कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में *सरकारी कर्मचारी जान हथेली पर लिए सेवाभाव से काम कर रहे हैं.* ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों के डीए-डीआर समेत 6 भत्तों पर रोक दुःखद है. सरकार को इस कठिन समय *कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था,* लेकिन यह कदम हताश करने वाला है. सरकार ने इस आदेश से पहले कर्मचारी संगठनों को भी भरोसे में नहीं लिया. *सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय पर पुनर्विचार की जरूरत है.*
उत्तर प्रदेश मीनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी सरकार के इस फैसले के बाद भी अपने अपने जनपद में जिलाधिकारी के निर्देशन में कोरोना से जंग में बराबर जी जान से लगे हैं ।
प्रांतीय संघ ने अपने पत्र संख्या -82 दिनांक -25-04-2020 द्वारा मा0 मुख्यमंत्री जी व शासन के आला अधिकारियों को सरकार के इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है । विदित रहे कि कर्मचारियों ने अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से सहयोग किया है और भविष्य में भी सहयोग करने को तैयार हैं किन्तु भत्तों को स्थगित करने से कर्मचारियों को दूरगामी आर्थिक प्रतिकूल पड़ेगा तथा कर्मचारियों को अपने परिवार के पालन पोषण में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा ।
सरकार से अनुरोध है कि कर्मचारियों के उक्त आर्थिक कठिनाइयों को दृष्टिगत अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए ।
सुशील कुमार त्रिपाठी
प्रांतीय अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश मीनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ रहे हैं.* ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों के डीए-डीआर समेत 6 भत्तों पर रोक दुःखद है. सरकार को इस कठिन समय *कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था,* लेकिन यह कदम हताश करने वाला है. सरकार ने इस आदेश से पहले कर्मचारी संगठनों को भी भरोसे में नहीं लिया. *सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय पर पुनर्विचार की जरूरत है.*
उत्तर प्रदेश मीनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी सरकार के इस फैसले के बाद भी अपने अपने जनपद में जिलाधिकारी के निर्देशन में कोरोना से जंग में बराबर जी जान से लगे हैं ।
प्रांतीय संघ ने अपने पत्र संख्या -82 दिनांक -25-04-2020 द्वारा मा0 मुख्यमंत्री जी व शासन के आला अधिकारियों को सरकार के इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है । विदित रहे कि कर्मचारियों ने अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से सहयोग किया है और भविष्य में भी सहयोग करने को तैयार हैं किन्तु भत्तों को स्थगित करने से कर्मचारियों को दूरगामी आर्थिक प्रतिकूल पड़ेगा तथा कर्मचारियों को अपने परिवार के पालन पोषण में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा ।
सरकार से अनुरोध है कि कर्मचारियों के उक्त आर्थिक कठिनाइयों को दृष्टिगत अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए ।
सुशील कुमार त्रिपाठी
प्रांतीय अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश मीनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ

More Stories
यूपी विद्युत नियामक आयोग ने 8 मई को बुलाई बड़ी बैठक –
यूपी में 4 मई को होने वाले निकाय चुनाव के मतदान से पहले भारत-नेपाल की सीमा को किया जाएगा सील-
सीआईएसएफ की परीक्षा में पकड़े गए दो मुन्ना भाई-