बड़ागांव / वाराणसी : गोवंश के रखरखाव को लेकर जहां सरकार का बड़ा बजट खर्च हो रहा है वही गोवंश को लेकर ग्रामीणों में एक जबरदस्त आक्रोश भी है जितने गोवंश गौशाला में है उससे कहीं अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं किसानों की दिन-रात की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं इतना ही नहीं ग्रामीणों की पिटाई से मर रहे गोवंश को लेकर किसी का ध्यान इस पर नहीं है इतनी बुरी तरह पीटते हैं कि पैर टूट जाता है बुरी तरह घायल भी हो जाते हैं उसी अवस्था में उसे ले जाकर फेक देते हैं इसका ताजा उदाहरण हम आपको नेशनल हाईवे से बाबतपुर रेलवे स्टेशन रेलवे लाइन की नहर पुलिया तक जा रही शारदा सहायक नहर में लगभग एक दर्जन गोवंश के शव पानी में नजर आ रहे हैं इस पर ना तो किसी आला अधिकारी का ध्यान है और ना ही सत्ता में काबिज लोगों का ही।



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