*विद्युत अवर अभियंता को ताश के पत्ते की तरह फेटे जाते जाने की है जरूरत*
*कौशाम्बी।* विद्युत पावर हाउस में लंबे समय से तैनात विद्युत अवर अभियंता मठाधीश बन गए हैं और विद्युत उपभोक्ताओं का शोषण कर अवैध धनादोहन में मस्त हैं जिले में तीन विद्युत अवर अभियंता ऐसे हैं जिन्होंने कुछ वर्षों में करोड़ों की अकूत संपत्ति अर्जित की है अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले अवर अभियंताओं के भ्रष्टाचार की जांच कराकर निलम्बित किए जाने की जरूरत है लेकिन अभी तक विभागीय अधिकारियों से लेकर आला अधिकारियों तक ने भ्रष्टाचार में लिप्त अवर अभियंता विद्युत की जांच कराकर इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कर इन्हें दंडित नहीं किया है जिससे योगी सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं
गौरतलब है कि विद्युत विभाग कौशाम्बी में स्थानांतरण नीति पूरी तरह से फेल हो चुकी है पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी स्थानांतरण के मामले में लापरवाह बना हुआ है भ्रष्टाचार में लिप्त अवर अभियंता विद्युत के कारनामों को कई वर्षों बीत जाने के बाद अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता ने भी संज्ञान लेकर इन्हें दंडित नहीं किया है जिससे उनकी भी निष्ठा पर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं जिले में तैनात विद्युत विभाग के अधिकारी भी पूरे समय अपने अधीनस्थों की गुलामी करते देखे जाते हैं और अधीनस्थ विद्युत उपभोक्ताओं के यहां फर्जी जांच और चेकिंग के नाम पर पूरे दिन धना दोहन करते हैं जिले के कुछ विद्युत पावर हाउस में 4 वर्षों से भी अवर अभियंता जमे हैं जिनका स्थानांतरण करने के लिए अधिकारी भूल गए हैं सूत्रों की मानें तो लंबे समय से जमे अवर अभियंता विद्युत लाखों रुपए प्रतिदिन की अवैध वसूली में लिप्त हैं लेकिन प्रतिदिन लाखों की अवैध वसूली में लिप्त अवर अभियंता के कारनामे को संज्ञान लेकर उन पर कठोर कार्यवाही करने के बजाय विभागीय अधिकारी भी उन पर मेहरबानी बनाए हुए हैं जिससे जिले के विद्युत उपभोक्ता त्रस्त हैं

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