June 16, 2026

देश के 49वें मुख्य न्यायाधीश बने श्री उदित उमेश ललित-

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देश के 49वें मुख्य न्यायाधीश बने श्री उदित उमेश ललित …..

 

09/11/2022 को सोलापुर, महाराष्ट्र के एक अतिप्रतिष्ठित परिवार जो लगभग 100 वर्षों से (4 पीढियां) विधि व न्यायशास्त्र के क्षेत्र में सेवा व योगदान प्रदान कर रहे, में जन्में *जस्टिस उदित उमेश ललित जी* ने आज 27/08/2022 को *भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश* के रूप में शपथ लिया और अपना पदभार ग्रहण करते हुए कार्यकाल शुरू किया ।।

 

पारिवारिक पृष्ठभूमि पर दृष्टिपात करने पर, जस्टिस ललित जी के पितामह *श्री रंगनाथ ललित जी* एवं पिता *श्री उमेश रंगनाथ ललित जी* दोनों महाराष्ट्र के सोलापुर में वकालत करते थे, वहीं से मुम्बई और महाराष्ट्र में नाम यश व ख्याति अर्जित करते हुए पिताश्री मुम्बई हाई कोर्ट के जज बने ।।

पितामह व पिता का ही अनुशरण करते हुए आपने भी जून 1983 से सोलापुर तदोपरांत मुम्बई हाई कोर्ट में अपने अधिवक्ता जीवन का आरम्भ किया और 1985 तक प्रैक्टिस किया ।।

 

तदोपरांत आप मुम्बई छोड़कर दिल्ली आ गए और मयूर विहार के एक फ्लैट से पुनः अपने अधिवक्ता जीवन का आगाज़ किया और यहीँ से आरंभ हुआ पेशेवर जीवन आज *राष्ट्रपति भवन के दरबारी हॉल में शपथ ग्रहण* तक पहुंचा और देश की *महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू जी* ने 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई ।।

 

वस्तुतः भारतीय शास्त्रों में *शनि देव* को न्याय का ग्रह देव माना जाता है और आज शनिवार के दिन ही माननीय सर्वोच्य न्यायालय के इतिहास में एक नवीन अध्याय *”ललित युग”* का उदय हो रहा है ।।

 

मुम्बई से दिल्ली आगमन के पश्चात आपने दिल्ली में अपनी एक पृथक व विशिष्ट शैली से वकालत के क्षेत्र में अपनी धाक व वर्चश्व जमाते हुए *उच्च कोटि के ख्यातिलब्ध व प्रतिष्ठित क्रिमिनल अधिवक्ता* के रूप में न सिर्फ स्वयं को स्थापित किया अपितु एक विशिष्ट पहचान भी बनाई ।। आपने सदैव सिद्ध किया कि अपने नायाब, उत्कृष्ट तर्कों, दलीलों से सौम्य व्यक्तित्व वाला मृदुभाषी व्यक्ति कैसे मुकदमे और साथ ही साथ दिल भी जीतता है ।। कानून / विधि की स्पष्ट समझ, सुलझा व्यक्तित्व और कानून की गूढ़ता, बारीकियां व पेंचीदगी समझाने की अत्यंत सरल शैली आपको भीड़ से पृथक कर एक उच्च स्थान प्रदान करती है ।।

 

आपने जहाँ *1983 – 85 तक मुम्बई हाई कोर्ट में प्रैक्टिस किया*, वहीं आपने *1986 से 1992 तक पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के साथ भी कार्य किया* तदोपरांत वर्ष *2004 में सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट* के रूप में नामित किया ।।

 

◆ आपने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत *2G मामले में CBI के पब्लिक प्रोसिक्यूटर* के रूप में ट्रायल्स में भाग लिया ।।

 

◆ इसके अलावा आपने 2 कार्यकालों के लिये *सुप्रीम कोर्ट की लीगल सर्विस कमेटी* के सदस्य के रूप में भी कार्य किया ।।

 

◆ आपको 13 जुलाई 2014 को सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया ।। *(इसके पूर्व 1971 में जस्टिस एस एम सिकरी प्रथम न्यायाधीश थे जो सीधे बार से आये थे)* !!!

 

★ आपको वर्ष 2021 में *राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA)* के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया ।।

 

आज के *शपथ ग्रहण समारोह* में आपके 90 वर्षीय पिता श्री उमेश रंगनाथ ललित के साथ ही परिवार के सबसे छोटे सदस्यों के रूप में आपके पोते पोतियां भी शपथ ग्रहण समारोह में मुख्याकर्षण व जनमानस के निगाहों के केन्द्र में रहेंगे !!!

 

हालांकि आपका *मुख्य न्यायाधीश* के रुप में कार्यकाल मात्र 74 दिन (08/11/2022 तक) की अल्पावधि का होगा फिर भी आगामी 74 दिन देश की न्यायपालिका को एक सुदृढ व सशक्त नेतृत्व देने के साथ ही आप सुधार की एक नवीन व्यवस्था की अगुवाई भी करेंगे ।।

 

हम अभी आपके सकारात्मक परिणामप्रद उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं ।

सादर प्रणाम व अभिनंदन

 

*हरि मोहन केसरवानी*

एडवोकेट हाईकोर्ट इलाहाबाद*