वाराणसी-। कभी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड आदि राज्यों में शराब कारोबार की दुनिया पर एक छत्र राज करने वाला लिकर किंग फरारी के अँधेरे में जीने के लिए मजबूर हो गया है। शराब कारोबार के साथ होटल व्यवसाय का एक चमकते सितारे की आभा कानून की मार से धूमिल पड़ गयी है।
लिकर किंग के साथ उसका बेटा भी अपने पिता के कर्मों का शिकार हुआ है। दोनों को इनामिया घोषित कर पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है। यही नहीं दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी है। वारंट की करंट की मार से पिता पुत्र छुपने के लिए मजबूर है।
यहां बात हो रही है चंदौली के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल की। किस्मत के घोड़े पर सवार होकर सफलता की नित नयी उचाईयां छू रहे जवाहर जायसवाल को लंगड़ी सोयेपुर जहरीली शराब कांड से लगी। उसके बाद डीआईजी बंगला हड़पने के प्रकरण में भी इनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ। ताजा घटनाक्रम में जवाहर जायसवाल के करीबियों में से गिने जाने वाले और दुर्दिन के साथी रहे गुड्डू जायसवाल के भाई महेश जायसवाल की हत्या में भी आरोपी बनाये गए। इस प्रकरण में भी न्यायालय द्वारा जवाहर जायसवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
सोयेपुर जहरीली शराब हत्या कांड, जिसमे दो दर्जन से अधिक लोग कालकवलित हुए। इसके साथ फर्जी कागजात के माध्यम से डीआईजी बंगला हड़पने की कोशिश की थी। इन दोनों प्रकरण में जवाहर जायसवाल को लगभग 22 महीने जेल में बिताने पड़े थे।
उपर्युक्त प्रकरणो के अतिरिक्त जवाहर जायसवाल के उपर गन्ना किसानों का लगभग 23 करोड़ रूपये हड़पने का मुकदमा भी दर्ज है, जिसमे जिलाधिकारी महराजगंज द्वारा रिकवरी वारंट भी जारी किया जा चूका है। महराजगंज पुलिस जवाहर जायसवाल की तलाश में इनके ठिकानों पर कई बार छापेमारी कर चुकी है। अब तक अपने रसूख से कानून को ठेंगे पर रखने वाले पूर्व सांसद एवं लिकर किंग कानून की गिरफ्त से बचने के लिए फरारी में एड़ियां घीस रहे है।
डीआईजी बंगला हड़पने सहित कई प्रकरणों में वादी रहे समाजसेवी राकेश न्यायिक के अनुसार अपने साम्राज्य को अँधा-धुंध बढा ने की चाहत में, किसानो को धोखा देने और दर्जनों को मौत के घाट उतार देने वाले पर जब समय की मार पड़ती है, तब उन्हें अपने साम्राज्य की नींव में लगी खून से सनी ईटे और धोखे का सीमेंट नजर आता है।
नए वर्ष की पूर्व संध्या पर जवाहर जायसवाल के सितारा होट्लो में एक तरफ जश्न की तैयारी हो रही है वही दूसरी तरफ होटलों में सितारा जड़ने वाला शख्स दूर कहीं अकेले में बैठ अपने भविष्य के बारे में चिंतित होगा। उसके होटलों में होने वाली चियर्स की गूंज से अपने अकाउंट में नोटों की बारिश देखने वाले जवाहर जायसवाल के लिए वही चियर्स की गूंज जहरीली बन गई है।
में जीने के लिए मजबूर हो गया है। शराब कारोबार के साथ होटल व्यवसाय का एक चमकते सितारे की आभा कानून की मार से धूमिल पड़ गयी है।
लिकर किंग के साथ उसका बेटा भी अपने पिता के कर्मों का शिकार हुआ है। दोनों को इनामिया घोषित कर पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है। यही नहीं दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी है। वारंट की करंट की मार से पिता पुत्र छुपने के लिए मजबूर है।
यहां बात हो रही है चंदौली के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल की। किस्मत के घोड़े पर सवार होकर सफलता की नित नयी उचाईयां छू रहे जवाहर जायसवाल को लंगड़ी सोयेपुर जहरीली शराब कांड से लगी। उसके बाद डीआईजी बंगला हड़पने के प्रकरण में भी इनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ। ताजा घटनाक्रम में जवाहर जायसवाल के करीबियों में से गिने जाने वाले और दुर्दिन के साथी रहे गुड्डू जायसवाल के भाई महेश जायसवाल की हत्या में भी आरोपी बनाये गए। इस प्रकरण में भी न्यायालय द्वारा जवाहर जायसवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
सोयेपुर जहरीली शराब हत्या कांड, जिसमे दो दर्जन से अधिक लोग कालकवलित हुए। इसके साथ फर्जी कागजात के माध्यम से डीआईजी बंगला हड़पने की कोशिश की थी। इन दोनों प्रकरण में जवाहर जायसवाल को लगभग 22 महीने जेल में बिताने पड़े थे।
उपर्युक्त प्रकरणो के अतिरिक्त जवाहर जायसवाल के उपर गन्ना किसानों का लगभग 23 करोड़ रूपये हड़पने का मुकदमा भी दर्ज है, जिसमे जिलाधिकारी महराजगंज द्वारा रिकवरी वारंट भी जारी किया जा चूका है। महराजगंज पुलिस जवाहर जायसवाल की तलाश में इनके ठिकानों पर कई बार छापेमारी कर चुकी है। अब तक अपने रसूख से कानून को ठेंगे पर रखने वाले पूर्व सांसद एवं लिकर किंग कानून की गिरफ्त से बचने के लिए फरारी में एड़ियां घीस रहे है।
डीआईजी बंगला हड़पने सहित कई प्रकरणों में वादी रहे समाजसेवी राकेश न्यायिक के अनुसार अपने साम्राज्य को अँधा-धुंध बढा ने की चाहत में, किसानो को धोखा देने और दर्जनों को मौत के घाट उतार देने वाले पर जब समय की मार पड़ती है, तब उन्हें अपने साम्राज्य की नींव में लगी खून से सनी ईटे और धोखे का सीमेंट नजर आता है।
नए वर्ष की पूर्व संध्या पर जवाहर जायसवाल के सितारा होट्लो में एक तरफ जश्न की तैयारी हो रही है वही दूसरी तरफ होटलों में सितारा जड़ने वाला शख्स दूर कहीं अकेले में बैठ अपने भविष्य के बारे में चिंतित होगा। उसके होटलों में होने वाली चियर्स की गूंज से अपने अकाउंट में नोटों की बारिश देखने वाले जवाहर जायसवाल के लिए वही चियर्स की गूंज जहरीली बन गई है।
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