November 28, 2021

सहायक अध्यापक भर्ती कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन का मामला, हाईकोर्ट ने दिया 2 महीने का वक़्त ।

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प्रयागराज: 68500 सहायक अध्यापक की भर्ती 2018 कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन के चले आ रहे मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुयी। जहाँ सचिन परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि अगले दो महीने में पुनर्मूल्यांकन को पूरा कर लिया जायेगा।साथ ही ये भी कहा कि अगर पुनर्मूल्यांकन पूरा नहीं हो सका तो बचे पदों के लिए नयी भर्ती नहीं किया जायेगा। कोर्ट ने ये फैसला सचिव अनिरूद्ध नारायण शुक्ल की याचिका पर निर्णय लेने के बाद कहा। वहीं कोर्ट ने कहा कि कई याचियों ने याचिका लंबित रहने के कारण समय रहते पुनर्मूल्यांकन की अर्जी नहीं दी, ऐसे में उन्हें भी मौका दिया गया है।

आपको बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 68500 सहायक अध्यापक की भर्ती की चयन प्रक्रिया की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे । कोर्ट ने इस जांच को छह माह में पूरी करने का आदेश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने एक अन्य याचिका में 12460 सहायक अध्यापक के रिक्त पदों पर भर्ती को खारिज कर दिया है।68500 सहायक अध्यापक भर्ती में सभी को पुनर्मूल्यांकन का मौका दिया गया था।वहीं जाँच कर रही टीम ने छानबीन में तीन सौ तिरलिस कॉपियों में गड़बड़ी पाई थी।जिन कॉपियों में गड़बड़ी थी उनमें से 51 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में सफल थे लेकिन उन्हें फेल कर दिया गया था। अब वे उत्तीर्ण की श्रेणी में हैं।

बताते चले कि 53 ऐसे सफल अभ्यर्थी इस परीक्षा में फेल पाए गए थे जिन्हें शिक्षक के पद पर नियुक्ति मिल चुकी थी। चीनी उद्योग व गन्ना विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय भुसरेड्डी की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय कमेटी की जांच के आधार पर ये कार्रवाई की गई थी। वहीं लिखित परीक्षा के रिजल्ट में गड़बड़ी की खबरों पर 9 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह को निलंबित कर दिया था। साथ ही बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा व रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी को हटा दिया गया था। हाईकोर्ट के दिए निर्देश के बाद 68500 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया पर 2 महीने में पुनर्मूल्यांकन पूरा करने का सचिन परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने आश्वाशन दिया है।
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