वाराणसी: 2019 का पहला दिन : जाम के आगे ‘पुलिस’ तो ‘शीतलहर’ के आगे ‘लोग’ ‘बेबस’, गलियों में भी रेंगते रहे वाहन।
31 दिसंबर की रात में ठंड ने रंग में डाला भंग, एक जनवरी की सुबह होते ही जाम में फंस गए शहर वासी
वाराणसी। नये साल का उमंग लेकर जब लोग मंगलवार की सुबह घर से बाहर निकले तो साल की पहली जन समस्या से उनका पाला पड़ गया। शहर की स्थिति 12 बजते बजते ऐसी हो गई की लोग सड़क पर थम गए। गलियों में भी पैदल चलने की जगह नहीं बच पाई। दोपहर के दो बजे तक शहर के लंका, अस्सी, भेलूपुर, शिवाला, रेवड़ी तालाब, गोदौलिया, चौक, चेतगंज, सिगरा, रथयात्रा नई, सड़क, गिरजाघर, लक्सा, मैदागिन, विशेश्वरगंज समेत आस-पास के इलाकों में भीषण जाम लगा हुआ था और गलियों में कंधे से कंधा छिलने की स्थिति थी।
दूसरी ओर नये साल के उमंग में डूबे लोगों को ठंड ने भी खाशा परेशान किया। 31 दिसंबर की रात में शीतलहर ने नये साल का जश्न मनाने वालों को जमा दिया, लेकिन शहर के युवाओं ने होटल, लॉज, रेस्टोरेंट्स सहित अन्य जगहों पर नये साल की पार्टी जमकर मनाई।
और खिसक लिए पुलिस वाले
मंगलवार की सुबह शहर जहां जाम से जुझ रहा था वही चंद चौराहों पर यातायात विभाग के जवान खुद जाम के झाम में उलझे नजर आए। जब जाम उनसे नहीं छूट पाया तो धीरे से चौराहे से खिसक लिए। वहीं जाम में फंसे लोगों ने यातायात विभाग को जमकर कोसा। कई लोगों ने यातायात विभाग और पुलिस से जाम लगने के बाबत शिकायत भी की, लेकिन मौके पर जाम छुड़ाने के लिए यातायात विभाग नहीं पहुंचा।
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