स्लग- वित्त रहित शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों ने सर पर कफ़न बांध कर किया विरोध प्रदर्शन।
एंकर कई तरह की परेशानियों का सामना कर भी शिक्षा का अलख जगाने वाले वित्त रहित शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मी अपनी मांगों को लेकर गोलबंद होने लगे हैं। वित्त रहित शिक्षकेतर कर्मियों ने अनुदान नही वेतनमान देने की मांगो को लेकर प्रदर्शन किया। एनएच 106 पर भीमनगर में वित्त रहित शिक्षकों ने सर पर कफ़न बांध कर सरकार की गलत नीतियों के प्रति आक्रोश जताया। आक्रोशित वित्त रहित शिक्षकों ने बताया कि बिहार में 65 फीसदी छात्रों को शिक्षा देने वाले वित्त रहित शिक्षक बिना वेतन के भी अपने खून पसीने से शिक्षा का अलख जगाने को मजबूर बने हुए हैं। इतना ही नहीं बताया कि लगभग 8 सालो से अनुदान भी बकाया है।
आक्रोशितों ने कहा कि सेवारत वित्त रहित शिक्षक और कर्मियों के लिए मौत के बाद कफ़न के नाम पर भी राशि नही होना सरकार का वित्तरहित शिक्षकों के प्रति उपेक्षित रवैया को दर्शा रही है। जबकि वित्त रहित कालेजो से पास करने वाले छात्रों को भी सरकार प्रोत्साहन राशि देती है।लेकिन वित्तरहित शिक्षक को प्रोत्साहन राशि से भी वंचित रख दिया जाता है। बताया कि सरकार के एक ही अध्यादेश पर मदरसा और अन्य शैक्षणिक संस्थान पूरे बिहार में 3 फीसदी छात्रों को शिक्षा देकर सातवें वेतन का लाभ ले रहे है।
सरकार के इसी दोहरे नीति के विरुद्ध बिहार के तमाम वित्तरहित कर्मी कफ़न रैली निकाल कर आक्रोश का इजहार किया। साथ ही धमकी भी दिया है कि आगामी 2 सितम्बर को पटना में कफन रैली करने का निर्णय लिया गया है। ताकि नीतीश की सरकार तक वित्त रहित कर्मियों की आवाज पहुंच सके। जिसको लेकर कर्मियों ने माथे पर कफ़न बांध कर सरकार के प्रति अपना आक्रोश जताया।






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