दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने उपभोक्ता अदालतों में नियुक्तियों को पूरा न करने पर केंद्र और राज्य सरकारों को फटकार लगाई। फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि, राज्यों को कदम उठाने के लिए क्या कोई मुहूर्त चाहिए ? हम सिर्फ पदों पर नियुक्तियां चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय आयोग में नियुक्तियों के लिए केंद्र को और समय देने से इनकार किया।
सुप्रीम कोर्ट ने उपभोक्ता निवारण आयोग में खाली पदों को 8 हफ़्ते के भीतर भरने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, लोगों को उम्मीद रहती है कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा, उनकी इस उम्मीद को मत डुबोइये। सुप्रीम कोर्ट ने उपभोक्ता निवारण आयोग में खाली पदों को भरने को लेकर केंद्र सरकार, राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों को दिशा निर्देश जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को फटकार लगाते हुए कहा, कई राज्यों ने कंज़्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट के सेक्शन 44 को अभी तक नोटिफाई नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट सभी राज्यों को कंज़्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट के सेक्शन 44 को दो हफ्ते में नोटिफाई करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश देते हुए कहा कि, अगर संभावित रिक्तियों को भरने के लिए अभी तक विज्ञापन नहीं निकला है तो दो हफ्ते के भीतर उसका विज्ञापन निकाला जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों को निर्देश दिया कि, अगर उन्होंने अभी तक रिक्तियों को भरने के लिए चयन समितियां नहीं बनाई है तो चार सप्ताह के भीतर इस चयन समिति बनाई जाए। चेतावनी देते हुए कोर्ट ने कहा कि अगर कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हुआ तो चीफ सेकेट्री को कोर्ट बुला सकते हैं।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने इस साल फरवरी में स्वतः संज्ञान कार्यवाही के तहत देश भर में जिला और राज्य उपभोक्ता निवारण आयोग में खाली पदों को भरने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को दो हफ्ते का समय दिया था।

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