सोमवार : तीन दिसंबर 2018 :
वाराणसी : ” एक नजर इधर भी ”
मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में विधान सभा चुनाव का शोर थम गया लेकिन पूर्वाचाल में इसकी चर्चाएं अब भी हो रही है । यहां बात राजनीति की नहीं बल्कि सेहत की बात हो रही है क्योंकि चुनाव ने दलहन के भाव बढ़ा दिए है मध्यप्रदेश से वाराणसी की मंडियों में आने वाली दाल जरूरत के मुताबिक नहीं पहुंच पा रही है । इसका फायदा उठाते हुए जमाखोरों ने स्टाक जमा करके बाजार में दालों की ओर दी जिससे भावतेजी से गया । इसमें तेजी अब भी बनी हुई है । 20से 25 दिनों पहलेजो अरहर की दाल 5800 रुपये प्रति क्विंटल मिलती थी अब उसे 7200-7300 रुपये प्रति क्विंटल के दर से व्यापारी खरीद रहे है । यही स्थिति चना , चना दाल , मटर दाल , उड़द , धुई , मूंग दाल आदि खाद्यान्नों की भी है । पूर्वांचल की सबसे बडी गल्ला मंडी विशेश्वरगंज में कारोबारी परेशान हैं । वे मान रहे है कि अचानक दाम बढ़ने का कारण मध्यप्रदेश का चुनाव रहा । ट्रकों के आवागमन में रुकावट और प्रमुख व्यापारियों के चुनाव में व्यस्तता ने दलहन खाद्यान्नों के भाव को उछाल दे दिया है । विशेश्वरगंज मंडी से पूर्वांचल भर को दलहन मुहैया कराया
जाता है । लेकिन चुनाव की वजह से उसकी आवक कम हो गयी । अभी भी माग के मुताबिक आवक नहीं हो सकी है । मध्यप्रदेश से दाल और भी खाद्यान्नों को लेकर रोजान बनारस की मंडियों में आने वाली गाड़ियों की संख्या में कमी
आई है । पहले जहां 25 से 30 गाड़ियां जहां सिर्फ दलहन की विशेश्वरगंज मंड़ी में आवक आती रही वहीं अब 18 से 20 गाड़ियों पर आकर सिमट गई है ।
अशोक अग्रहरी महामंत्री विशेश्वरगंज भैरवनाथ व्यापार मंडल ने बताया कि कई मार्ग परबड़े वाहनों के आवागमन पर लगे प्रतिबंध से बनारस के व्यापार पर असर पड़ा है । अब ट्रकों को 25 से 30 किलोमीटर घूमकर शहर में प्रवेश करना पड रहा है । मालवाहक वाहनों का भड़ा भी पांच सौ से हजार तक बढ़ा है ।
” मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव की वजह से दाल के आवक में कमी से दालों के भाव में हुआ उछाल ,
जमाखोरों की चांदी स्टाक किया गया माल उचे दामों पर
बेच रहे है ।
“”सियाराम मिश्रा””





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