नार्दर्न टाउन के बंगले के आउट हाउस में रहनेवाली दो दर्जन महिलाएं बुधवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचीं। महिलाओं ने बताया कि लॉकडाउन में करीब डेढ़ सौ लोगों को भोजन नहीं मिल रहा है। सभी महिलाएं बंगले में झाड़ू, पोछा, बर्तन और कपड़ा धोने का काम करती हैं। चार घंटे भटकने के बाद आश्वासन: बागमती रोड नार्दर्न टाउन की अनु पाल ने बताया कि चार घंटे भटकने के बाद उपायुक्त कार्यालय से 48 घंटे में राशन उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला। पहले रेडक्रॉस सोसाइटी भवन भेजा गया। जहां से जिला कंट्रोल रूम और फिर वहां से राशन विभाग भेजा गया। सफेद राशन कार्ड होने के कारण राशन देने से मना कर दिया गया। उपायुक्त कार्यालय से दो दिन प्रतीक्षा करने को कहा गया।लॉकडाउन में काम बंद, पगार कम : रीता बारिक ने बताया कि हमलोग नार्दर्न टाउन में आउट हाउस में रहते हैं। यहां कोई सुविधा नहीं है। लॉकडाउन में कमाने वाले व्यक्ति बेकार बैठे हैं। बंगले से पांच सौ से एक हजार रुपये पगार मिलता है। जो कुछ दिन में ही खत्म हो जाता है। माली कैलाश ने बताया कि भुखमरी की स्थित पैदा हो गई है।अभी तक कोई राहत नहीं पहुंचाया। अब बुढ़ापा में कहां हाथ फैलाने जाएंगे।





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