लॉकडाउन के कारण कई लोग देश के अलग-अलग हिस्से मेंं फंसे हुए है और वे परेशान है। जमशेदपुर में कश्मीर के कुपवाड़ा के लगभग 250 लोग फंसे है जो हर साल ठंडे के मौसम में शहर आते है।
यहां आने के बाद वे घूम-घूमकर ऊनी वस्त्रों की बिक्री करते है। किस्त में वस्त्र उपलब्ध कराते है। मार्च तक रूपये का कलेक्शन करते है। अप्रैल के पहले सप्ताह में वापस लौट जाते है, लेकिन लॉकडाउन के कारण सभी फंस गए। प्रेस कांउसिल आफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन मार्कडेय काटजू ने ट्विटर के जरिए मामले को सामने लाया। बताया इन्हें खाने-पीने में परेशानी हो रही है। दवा की भी जरूरत है।
इसे री ट्वीट करते हुए वसीम रजा नामक एक व्यक्ति ने झारखंड पुलिस के संज्ञान में मामले को लाया। इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक अनूप बिरथरे तक मामला पहुुंचा। पुलिस की ओर से सभी को मदद पहुंचाई गई। एसएसपी ने बताया कि कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। दवा उपलब्ध कराई गई है। खाने-पीने की कोई समस्या नहीं है। लॉकडाउन के कारण अभी कश्मीर भेजा नहीं जा सकता।तीन मई के बाद गृह मंत्रालय से पास की सुविधा या अन्य कोई सुविधा उपलब्ध कराने पर वापस भेजा जा सकता है। कश्मीरी बिष्टुपुर के धतकीडीह, गोलमुरी और अन्य इलाके में है।

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