दिल्ली : मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों (New Agriculture Laws 2020) की वापसी की मांग को लेकर किसानों के आंदोलन का सोमवार को 19वां दिन है. एक तरफ सरकार कृषि कानूनों में संशोधन को लेकर किसानों को मनाने में लगी है, दूसरी ओर किसान अपनी सभी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं. इस बीच अलग-अलग किसान संगठनों के आंदोलन में दरार पड़ती नजर आ रही है. राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन (RKMS) के संयोजक वीएम सिंह (Sardar VM Singh) ने कहा, ‘बाकी संगठन सरकार के बात करें या ना करें. हम बातचीत के लिए तैयार हैं. क्योंकि आंदोलन अब अपने लक्ष्यों से भटक रही है. हमारी मुख्य मांग एमएसपी गारंटी कानून है. बाकी चीजें बातचीत में देखेंगे.’ वहीं, बाकी संगठनों ने वीएम सिंह के बयान की निंदा करते हुए बयान से खुद को अलग कर लिया है. अन्य किसान संगठनों का कहना है कि वो अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे.
ऑल इंडिया किसान संघर्ष कमेटी (AIKSCC) का कहना है, ‘कमेटी वीएम सिंह के बयान का समर्थन नहीं करती है. सिंह का बयान कार्य समिति के मानकों का पालन नहीं करता है. कमेटी की कार्य समिति अभी भी अपने इस फैसले पर कायम है कि 3 कृषि कानून वापस लिए बिना और एमएसपी की गारंटी के ऐलान के बिना सरकार से बातचीत नहीं की जाएगी. यह तीनों कानून विचारणीय हैं ही नहीं.’
दरअसल, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय संयोजक सरदार वीएम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि बाकी किसान संगठन सरकार से बातचीत करें या ना करें पर हम बातचीत के लिए तैयार हैं. वीएम सिंह ने कहा, ‘हम एमएसपी पर आश्वासन चाहते हैं. हम इसके तहत अपनी उपज की खरीद की गारंटी चाहते हैं. एमएसपी गारंटी विधेयक लाने से किसान लाभान्वित होंगे.’
वहीं, ऑल इंडिया किसान संघर्ष कमेटी के प्रमुख सदस्य योगेंद्र यादव ने कहा कि इस किसान आंदोलन में किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. बिना कानून वापस लिए सरकार के साथ बातचीत की कोशिश इस ऐतिहासिक आंदोलन के साथ धोखा देने जैसी होगी. कमेटी देश के सभी किसानों से अपील करती है कि सभी किसान और किसान नेता एकजुट होकर इस आंदोलन का साथ दें. किसान विरोधी सरकार की आंदोलन को बांटने और कमजोर करने की कोशिश का शिकार ना बनें.
मेनका गांधी के दूर के रिश्तेदार हैं वीएम सिंह
भारतीय राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह उर्फ वीरेंद्र मोहन सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के दूर के रिश्तेदार बताए जाते हैं. मूल रूप से वह लखनऊ के रहने वाले हैं. दिसंबर 2015 में उन्होंने राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ पार्टी बनाई थी. इस पार्टी से वीएम सिंह चुनाव भी लड़ चुके हैं. 2007 और 2012 में वह एआईटीसी के टिकट पर भी चुनाव में किस्मत आज़मा चुके हैं.
आज किसानों की भूख हड़ताल
नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के सभी अध्यक्ष सोमवार को एक दिन का भूख हड़ताल करेंगे. किसानों का ये अनशन सुबह 8 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक चलेगा. इस दौरान सभी ज़िला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा. किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सोमवार सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होने वाली यह भूख हड़ताल 14 दिसंबर से आंदोलन को तेज करने की किसानों की योजना का हिस्सा है. चढूनी ने सिंघू बॉर्डर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि नेता अपने-अपने स्थानों पर भूख हड़ताल करेंगे.
दिल्ली के सीएम केजरीवाल भी रखेंगे एक दिन का उपवास
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलान किया है कि वो किसानों के समर्थन में कल यानी सोमवार को एक दिन का उपवास रखेंगे. उन्होंने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और तमाम समर्थकों से भी एक दिन का उपवास रखने की अपील की है.


More Stories
दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात बदमाश टिल्लू ताजपुरिया की सुबह-सुबह हुई हत्या-
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और मेरठ पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में एनकाउंटर-
दिल्ली पुलिस के सिपाही की मेरठ में हत्या-