नई दिल्ली
अपने रिटायरमेंट के दिन आखिरी बार कोर्ट में बैठे जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि मैंने हमेशा विवेक के साथ हर मामले सुना,हर फैसले का विश्लेषण करें और उसे किसी तरह से रंग न दें,अवमानना मामले में AG चाहते थे सजा न दी जाए,पर यह जरूरी था,मैं सबका धन्यवाद करते हुए विदा ले रहा हूँ
जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि मैं जो कुछ भी कर सका वह इस अदालत की सर्वोच्च शक्तियों से हो पाया, मैंने जो कुछ भी किया उसके पीछे आप सभी की शक्ति थी
जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि मैंने बार सदस्यों से बहुत कुछ सीखा है, कानून की कई शाखाएं मैंने बार सदस्यों से सीखा।

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