*यूपी सरकार हुई सख्त ,नोएडा अथॉरिटी में गैर कानूनी ढंग से कुंडली मारकर बैठे इंजीनियरों को निकाला गया -*
नोएडा अथॉरिटी में दूसरे विभागों से डेपुटेशन पर आए इंजीनियर कुंडली मारकर बैठ गए। कई तो डेपुटेशन पीरियड खत्म होने के बाद 6-6 वर्षों से गैर कानूनी तौर पर यहां टिके हुए थे। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्ती बरतते हुए ऐसे इंजीनियरों को मूल विभागों में वापस भेज दिया है। औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार की ओर से आदेश जारी करके इन सभी को नोएडा अथॉरिटी से कार्यमुक्त कर दिया गया है। ये इंजीनियर एक, दो या तीन साल के लिए प्रतिनियुक्ति पर नोएडा अथॉरिटी में आए थे।
*इन तीन इंजीनियरों को नोएडा अथॉरिटी से हटाया गया*
अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि गंगा नहर बुलंदशहर खंड के अवर अभियंता एके जैन प्रतिनियुक्ति पर नोएडा अथॉरिटी में आए थे। एके जैन का डेपुटेशन पीरियड 22 मार्च 2011 को शुरू हुआ था। नियमानुसार वह अधिकतम 5 वर्षों तक प्राधिकरण में डेपुटेशन पर रह सकते थे। मतलब, 21 मार्च 2016 को हर हाल में उनका डेपुटेशन पीरियड समाप्त हो जाना चाहिए था। इसके बावजूद एके जैन 6 वर्षों से गैर कानूनी तौर पर नोएडा अथॉरिटी में ही जमे हुए थे। अब अपर मुख्य सचिव ने एके जैन को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है। उन्हें बुलंदशहर में गंगा नहर खंड में जाकर कार्यभार ग्रहण करने का आदेश दिया गया है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम में सहायक स्थानिक अभियंता (सिविल) ओम प्रकाश राय को एक वर्ष के लिए नोएडा प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति पर तैनाती दी गई थी। ओम प्रकाश राय की प्रतिनियुक्ति का समय भी समाप्त हो चुका है। अपर मुख्य सचिव ने उन्हें भी नोएडा अथॉरिटी से कार्यमुक्त कर दिया है। पैतृक विभाग उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लखनऊ में कार्य योगदान करने का आदेश दिया गया है।
बदायूं जिला पंचायत के अवर अभियंता हरिओम नारायण यादव पिछले 6 वर्षों से नोएडा अथॉरिटी में प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे। अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार ने आदेश में लिखा है कि हरिओम नारायण यादव की प्रतिनियुक्ति अवधि जून 2019 में समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद उन्होंने अपने मूल विभाग पंचायतीराज में कार्य योगदान नहीं दिया है। हरिओम नारायण यादव को भी अपर मुख्य सचिव ने नोएडा अथॉरिटी से कार्यमुक्त कर दिया है। उन्हें तत्काल पंचायतीराज विभाग में जाकर काम करने का आदेश दिया गया है।
*तीनों प्राधिकरण में ऐसे सैकड़ों कर्मचारी और अधिकारी हैं*
आपको बता दें कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी में ऐसे 100 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी हैं, जो दूसरे विभागों से प्रतिनियुक्ति पर इन विकास प्राधिकरण में आए थे। नियमानुसार इन लोगों को एक, दो या तीन वर्षों का प्रतिनियुक्ति कार्यकाल दिया जाता है। विशेष परिस्थितियों में प्रतिनियुक्ति कार्यकाल को बढ़ाकर 5 वर्ष किया जा सकता है। इसके बाद कर्मचारी या अधिकारी को अपने मूल विभाग में जाकर काम करना होता है। इन तीनों विकास प्राधिकरण में गैरकानूनी ढंग से प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारी और कर्मचारी कुंडली मारकर बैठे हुए हैं। पिछले महीने भी ऐसे कई कर्मचारियों को शासन ने अपने मूल विभागों में वापस लौटने का आदेश दिया था। FTR





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