डीजीपी और अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी पीसी सम सफाई और स्थिति बतानेके लिए पीसी कर रहे हैं। नोयडा में एक एफआईआर में पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज हुआ था कुछ दिन पहले। पुलिस ने 4 अभियुक्त पत्रकारों को जेल भेजा जबकि 1 अभियुक्त अभी भी फरार है। एसएसपी नोयडा ने इससे जुड़े मामले में गृह विभाग को रिपोर्ट भेजी थी। सीएम कार्यलय में भी रिपोर्ट पर जानकारी दी। डीजीपी मुख्यालय ने एडीजी मेरठ ज़ोन से जांच कराने को कहा। एडीजी मेरठ ज़ोन में 15 दिन का और समय माँगा है जांच के लिए। एक कथित वीडियो क्लिप नोयडा एसएसपी का सामने आया है। मुकदमा दर्ज हुआ है। एसपी हापुड़ के निर्देशन में जांच की जा रही है। एसएसपी नोयडा ने कुछ गोपनीय जांच रिपोर्ट भेजी है जो लीक हुई है। 6 लोगों के बारे में रिपोर्ट है जों गलत दस्तावेज से टेंडर हासिल करना चाहते थे। इस विषय की जांच चल रही है। एसएसपी नोयडा की तरफ से सर्विस रूल का उल्लंघन करते हुए गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किया।आईजी मेरठ से पूछ ताछ करने को कहा है। शासन गंभीर है भ्रस्टाचार के मामलों पर। एसएसपी नोयडा से स्पस्टीकरण मांगा गया है। साइबर क्राइम एक्सपर्ट और एसटीएफ की मदद ले रहे हैं वायरल वीडियों की जांच में।
डीजीपी PFI एक्टिव रूप से हिंसा में योगदान दिया। 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गृह विभाग ने रिपोर्ट भारत सरकार को भेज दी है। रिहाई मंच संस्था का भी नाम हिंसा में आया है।

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