April 28, 2026

मनोरंजन कर मद के बकाए से सम्बन्धित समस्त बकाएदारों के लिए सृजित मांग पर लम्बित ब्याज/अर्थदण्ड माफी योजना-2021 को लागू- शरद पांडेय

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मनोरंजन कर मद के बकाए से सम्बन्धित समस्त बकाएदारों के लिए सृजित मांग पर लम्बित ब्याज/अर्थदण्ड माफी योजना-2021 को लागू

ब्याज/अर्थदण्ड माफी योजना शासनादेश जारी होने की तिथि से 03 माह तक की अवधि के लिए रहेगी प्रचलित/प्रभावी

प्र0 सहायक आयुक्त, वाणिज्य कर श्री अरविंद वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया है कि मनोरंजन कर मद के बकाए से सम्बन्धित समस्त बकाएदारों को सूचित किया जाता है कि सृजित मांग पर लम्बित ब्याज/अर्थदण्ड माफी योजना-2021 को लागू करने के आदेश/निर्देश दिए गये है, जिसके अन्तर्गत प्रश्नगत् ब्याज/अर्थदण्ड माफी योजना शासनादेश जारी होने की तिथि अर्थात 03.03.2021 से 03 माह तक की अवधि के लिए प्रचलित/प्रभावी रहेगी। प्रश्नगत् ब्याज/अर्थदण्ड माफी योजना को समय-समय पर निर्गत आदेश के लिए पृथक-पृथक मानी जाएगी। योजना लागू होने के पूर्व में जमा मूलधन/ब्याज/अर्थदण्ड इस योजना के अन्तर्गत वापसी/समायोजन योग्य नहीं होगा तथा योजना के फलस्वरूप जमा मूलधन/ब्याज /अर्थदण्ड भी वापसी/समायोजन योग्य न होगा। बकाया जमा करने पर सम्बन्धित को जमा का प्रमाण-पत्र तथा समाधान लाभ के अतिरिक्त समस्त बकाया जमा करने पर सम्बन्धित को नोडयूज प्रमाण-पत्र भी इस शर्त के साथ जारी किया जाएगा कि यदि भविष्य में यह पाया जाता है कि सम्बन्धित द्वारा कुछ तथ्यों/देयता को छिपाया गया है अथवा किसी अन्य कारण से सरकार को मिलने वाले राजस्व की क्षति हुई है तो विद्यमान प्राविधानों के अनुसार कर निर्धारण अधिकारी सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही करने को स्वतंत्र होंगे। ब्याज की गणना छूट के पूर्व की समस्त मूलधन धनराशि से की जाएगी तथा बकाएदार द्वारा योजना का चुनाव विभागीय पोर्टल पर करने के उपरांत योजना के अन्तर्गत अन्तर्गत धनराशि जमा करने की तिथि तक की जाएगी। योजना में बकाया मूलधन, ब्याज एवं अर्थदण्ड माफी योजना-2021 में बकाया एवं ब्याज की धनराशि रू0 10 लाख तक जमा की जाने वाली सम्पूर्ण राशि के उपरांत ब्याज एवं अर्थदण्ड की सम्पूर्ण माफी तथा रू0 10 लाख से अधिक व 01 करोड़ तक के बकाए के सापेक्ष ब्याज की राशि 10 प्रतिशत तथा अर्थदण्ड 100 प्रतिशत तथा रू0 1 करोड़ से अधिक तथा 5 करोड़ तक की राशि का 50 प्रतिशत तथा रू0 5 करोड़ से अधिक पर 90 प्रतिशत ब्याज की राशि माफ किया जाना प्रस्तावित है।