भ्रामक विवेचना: पुलिस कमिश्नर द्वारा जाँच के आदेश (आख्या सहित)
आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा दर्ज कराये गए एक मुकदमे में हजरतगंज पुलिस द्वारा की गयी विवेचना में अजीबोगरीब तथ्य सामने आये हैं. फ़रवरी 2019 में दर्ज कराये गए इस मुकदमे में थाना हजरतगंज द्वारा हाल में कोर्ट में आरोपपत्र भेजा गया है. मुकदमे के केस डायरी से पता चलता है कि मुकदमे के विवेचक शिवचरण लाल ने 03 मई 2019 को केस डायरी संख्या-5 लिखा और उससे पहले ही 18 अप्रैल 2019 को केस डायरी संख्या-6 लिख दिया. इसी प्रकार विवेचक ने 25 मई 2019 को केस डायरी संख्या-7 और उससे पहले ही 11 मई को केस डायरी संख्या-8 लिखा.अमिताभ ने क्रम संख्या में बाद की केस डायरी पहले ही लिख दिए जाने को पूरी तरह असंभव घटना बताते हुए जाँच की मांग की, जिसपर पुलिस कमिश्नर डी के ठाकुर ने एडीसीपी मध्य चिरंजीवी नाथ सिन्हा को प्रारंभिक जाँच सौंपी है.





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