April 16, 2026

भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में फंसे दुमका प्रमंडल के कमिश्नर चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप का पावर सीज, जांच और आगे की कार्यवाई शुरू-

Spread the love

दुमका : बिग न्यूज (झारखंड)

=================

 

*भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में फंसे दुमका प्रमंडल के कमिश्नर चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप का पावर सीज : जांच और आगे की कार्यवाई शुरू*

 

■ संतालपरगना प्रमंडल दुमका के कमिश्नर पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच का आदेश ।

■ संतालपरगना प्रमंडल अंतर्गत के जिलों के कई बेगुनाह व गरीब रैयतों के विरूद्ध गलत आदेश जारी कर शोषित गरीबों और कईयों का जीवन तबाह कर चुके दुमका के कमिश्नर चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप की कार्यप्रणाली से तंग आ चुके यहाँ के अधिवक्ताओं द्वारा राज्यपाल रमेश बैस से की गई शिकायत में झारखंड के राज्यपाल सचिवालय ने संज्ञान लेते हुए मामले को राजस्व पर्षद के पास भेजने के उपरांत मामले की समीक्षा , कार्रवाई एवं निष्पादन के लिए आदेश जारी किया गया है ।

■ संतालपरगना प्रमंडलके सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि जनवरी से लेकर अबतक प्रमंडलीय आयुक्त के कोर्ट के वैसे सभी मामलों की जांच करें जिसमें उपायुक्त पक्षकार हो और मामला राज्यहित से जुड़ा हो । उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रमंडलीय आयुक्त के कोर्ट के फैसले से राज्यहित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा हो , तो ऐसे मामलों में सरकारी अधिवक्ता से राय लेकर निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई करें । अर्द्धन्यायिक प्रक्रिया के दौरान मुकदमों के निपटारे में उत्पन्न होनेवाले विवादों से बचने के लिए राजस्व पर्षद ने 30 जून को होनेवाली सेवानिवृत्ति के 10 दिन पहले से, यानी 20 जून से ही प्रमंडलीय आयुक्त चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप को कोर्ट लगाने से मना किया गया है । जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के हवाले से न्यायालय ने केवल गणना और लिपिकीय भूल में ही अपने आदेश की पुनर्समीक्षा को सही माना है

■ झारखंड प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति पाकर आई.ए.एस.बननेवाले दुमका के आयुक्त चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप के बारे में प्राप्त अहम जानकारी :-

● झारखंड के चाईबासा में जून’ 2016 से फरवरी’2018 तक 32वें उपविकास आयुक्त के रूप में पदस्थापित चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप द्वारा बरती गई अनियमितता की जांच की मांग भी जबरदस्त तरीके से उठी थी ।

● श्री चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप द्वारा बरती गई अनियमितता की सूची इतनी लंबी हो चुकी थी कि इनके विरूद्ध पूरे जिलावासी गोलबद्ध हुए थे और इनके विरूद्ध कार्रवाई और तबादला की जोरदार मांग उठी थी । और अंततः इन्हें पश्चिमी सिंहभूम से गढ़वा स्थानांतरित कर दिया गया था । गढ़वा में भी चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप के द्वारा उपविकास आयुक्त के रूप में अनियमितता बरती जाने लगी थी , जिससे वहां के लोग भी आन्दोलित हुए थे । बाद में पदोन्नति होने के साथ ही इनकी पदस्थापना धनबाद नगर निगम में हो गई ; जहाँ इनके द्वारा चहेते ठेकेदारों का काला धंधा खूब पनपा । इस प्रकार कहा जा सकता है कि श्री चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप की छवि विकास कार्यों के बजाय अनियमितता और अराजकता के लिए पहचाना जाने लगा और इनकी कार्यप्रणाली से लोग हमेशा त्रस्त रहे ।

■ ….और इसी का यह परिणाम है कि दुमका में एक विवादास्पद आयुक्त के रूप में इनके विरूद्ध जांच का निर्णय इन्हें मुसीबत में डाल दिया है । इनकी जांच झारखंड के ऐसे वरीय आई.ए.एस.अधिकारी अमरेन्द्र प्रताप सिंह को दिया गया है जिनके बारे में यह कहा जाता है कि “गलत करनेवालों के संग नहीं और बेवजह किसी को तंग नहीं ” ऐसे आई.ए.एस.अधिकारी ने तत्काल दुमका के आयुक्त श्री चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप को आयुक्त स्तर का कोर्ट लगाने से साफ तौर पर मना किया है । यही नहीं, इनके द्वारा अबतक किए गए आदेशों (दिए गए सभी निर्णयों) का अवलोकन करने एवं उसे अपलोड करने को कहा गया है ।

■ प्रतिदिन खुलेआम दबंग प्रवृति के पैसेवालों से करोड़ों की काली कमाई कर संतालपरगना प्रमंडल दुमका के कई बेगुनाह और गरीब तबके के लोगों एवं उनके पूर्वजों द्वारा खूनपसीने से अर्जित चल और अचल सम्पत्ति पर गलत निर्णय के साथ कब्जा का आदेशवाला कलम चलाने की वजह से यहाँ के नि:शब्द लोगों के दिलों से निकली आह और तड़प से ही संतालपरगना प्रमंडल दुमका के कमिश्नर श्री चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप को मुसीबत की सौगात मिली है , जो कि बेहद जरूरी था ।

■ संतालपरगना प्रमंडल दुमका के इतिहास में भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक पहुंचानेवाले ये पहले कमिश्नर चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप हैं , जिनपर होनेवाली कार्रवाई से अन्याय में धकेले गए लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है ।

 

 

सुशील झा