लखनऊ
भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आज देश की राजधानी दिल्ली में संपन्न हुई. NDMC कन्वेंशन सेंटर में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले हुई यह बैठक कई मायनों में काफी खास है. इस बैठक से एक बात सामने निखर कर सामने आई कि उत्तर प्रदेश के भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कद पार्टी में अब काफी बढ़ चुका है.
दरअसल इस बार बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खास जगह दी गई है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ को बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव रखने के लिए चुना. बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में योगी आदित्यनाथ एकलौते मुख्यमंत्री हैं जो दिल्ली से इस बैठक में शामिल हुए बाकी सभी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री अपने अपने प्रदेश मुख्यालय से इस बैठक में शामिल हुए.
इस बैठक में योगी को खास जगह मिलने के बाद एक बार फिर पार्टी में उनके कद और महत्व बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ का दौरा किया था. लखनऊ दौरे पर लोगों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा था अगर 2024 में केंद्र की सत्ता में नरेंद्र मोदी को चाहते हैं को 2022 में उन्हें यूपी के योगी को वोट देना चाहिए.
पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राजनीतिक प्रस्ताव योगी आदित्यनाथ ने रखा और इस संबंध में जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से पूछा गया तब निर्मला सीतारमण का कहना था कि योगी आदित्यनाथ पार्टी के वरिष्ठ नेता है. साथ ही साथ देश के सबसे बड़े राज्य में सरकार चला रहे हैं. इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल में बेहतर काम किया जिससे प्रदेश की जनता को काफी फायदा और राहत महसूस हुई.
निर्मला सीतारमण का कहना है कि योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल और कोरोना काल के बाद रोजगार सृजन को लेकर के काफी बेहतर काम किया है. इन सभी कारणों से योगी आदित्यनाथ को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राजनीतिक प्रस्ताव रखने के लिए बुलाया गया है.
पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रदेशों के मुख्यमंत्री और प्रदेशों के पार्टी अध्यक्ष वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं. ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विशेष तौर पर राजनीतिक प्रस्ताव रखने के लिए कार्यकारिणी की बैठक में आमंत्रित किया गया. जो इस बात का संकेत है की पार्टी उनके नेतृत्व पर भरोसा कर रही है और यूपी के महासमर में उतरने से पहले पार्टी उनके कद को बढ़ा रही है क्योंकि पार्टी को भी इस बात का आभास है कि योगी आदित्यनाथ अब हिंदुत्व के साथ विकास का भी एक ऐसा चेहरा बन चुके हैं, जिनका तोड़ फिलहाल विपक्ष के पास दिखाई नहीं दे रहा है.

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