बलरामपुर हॉस्पिटल लखनऊ में निदेशक डॉ राजीव लोचन, सीएमएस डॉ ए के गुप्ता और अधीक्षक डॉ हिमांशु चतुर्वेदी सहित 5 ईएमओ और 7 अन्य कर्मियों को हुआ कोरोना। कल देर रात आई रिपोर्ट के बाद पूरी रात निदेशक डॉ राजीव लोचन अपने हॉस्पिटल के प्राइवेट वार्ड में खुद ही इलाज़ के लिए लेटे रहे। उम्र व संक्रमण अधिक होने से खुद ही प्रयास करते रहे कि उन्हें किसी कोविड हॉस्पिटल में बेड मिल जाये लेकिन आज भरसक प्रयास के बाद उन्हें पीजीआई में जगह मिल पाई तब शाम 4 बजे वह पीजीआई के लिए एम्बुलेंस से गये।
हालात बहुत बेकाबू हो गए हैं। आप सब समझ सकते हैं कि राजीव लोचन जैसे प्रभावशाली डॉक्टर को खुद को एडमिट कराने के लिए जूझना पड़ रहा है, इसलिए हम सब को इस से सचेत हो जाना चाहिए कि कोरोना कितना भयावह रूप अख्तियार कर चुका है।
आज से बलरामपुर चिकित्सालय में ओपीडी बन्द कर दी गईं। आपरेशन आगे न जाने कितने समय के लिए टाल दिए गए। अब बलरामपुर हॉस्पिटल को भी कोविड हॉस्पिटल में बदला जा रहा है। जो पिछली बार अन्य रोगों के उपचार के लिए कोविड हॉस्पिटल नहीं बनाया गया था। कोरोना की गम्भीरता को समझिए। बिना बहुत आवश्यकता के न खुद घर से बाहर निकलिए और न परिजनों को जाने दीजिए। जान बचाने का संकट है, यह विचार करके ही कोई काम करिये।





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