April 24, 2026

बजट 2019: सियासी गलियारों में मची उथलपुथलये बोले पक्ष-विपक्ष के नेता*

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केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश किया। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के वर्तमान कार्यकाल का आखिरी बजट था। अरुण जेटली, राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी समेत कई कैबिनेट मंत्रियों ने इस बजट की तारीफ की है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस बजट को आम आदमी को राहत देने वाला और विकास को बढ़ावा देने वाला बजट बताया।

अरूण जेटली ने बजट पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, ‘पीयूष गोयल द्वारा पेश किया गया अंतरिम बजट नीतिगत दिशाओं में एक बड़ी उपलब्धता को दर्शाता है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस देश को दिया है। जेटली ने इस बजट को गरीब और किसान का हितैषी करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे देश के मिडिल क्लास का पर्चेसिंग पॉवर बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सरकार ने अबतक जो भी बजट पेश किए हैं, उससे मिडिल क्लास को लाभ मिला है।

अमित शाह ने कहा, ‘आम आदमी और किसान को राहत देने वाला बजट है। इस बजट से समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी जनता के अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं। जो किसान बैंक से कर्ज नहीं ले पाते उन्हें भी इस बजट से लाभ मिलेगा। यह विकास को बढ़ावा देने वाला बजट है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट को बीजेपी का चुनावी घोषणापत्र करार देते हुए आरोप लगाया कि यह चुनाव से पहले मतदाताओं को रिश्वत देने की कोशिश की गई है । पांच साल में इन्होंने(बीजेपी) क्या किया, कितने वादे पूरे किए, इस बारे में कुछ नहीं बताया। हर व्यक्ति को 15 लाख रुपए देने के बारे में कुछ नहीं कहा। पांच साल में 10 करोड़ नौकरियां देने के वादे पर कुछ नहीं कहा।

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने बजट पर अपनी राय देते हुए कहा, ये अंतरिम बजट नही पूर्ण बजट है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बजट पर कहा कि ये बजट गांव, गरीब, मज़दूर और किसान को समर्पित है। खासकर माध्यम वर्ग के हित को ध्यान में रखकर ये बजट बनाया गया है।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि सरकार के सूत्र सुबह से मीडिया को बजट के पॉइंटर्स भेज रहे हैं। अगर ये पॉइंटर्स वित्त मंत्री के भाषण में भी होते हैं तो यह एक लीक के समान होगा। यह गोपनीयता के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है।

आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि किसानों को 500 रुपए प्रतिमाह देकर सरकार ने धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि सालाना 6 हजार रुपए किसानों को देने की घोषणा एक धोखा है। यह किसानों की बदहाली का अपमान है।