September 25, 2026

*बच्चे गोद लेने के लिए H.C का अहम फैसला* JP सिंह

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*बच्चे के एडाप्शन को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला,*

पुरुष संतान गोद लेना चाहता है तो उसकी पत्नी की सहमति अनिवार्य,

कोर्ट ने कहा यदि पत्नी से तलाक नहीं तब भी पत्नी की पूर्वानुमति जरूरी,

हिन्दू एडाप्शन एण्ड मेन्टीनेन्स कानून के तहत दत्तक बच्चे के लिए पत्नी की पूर्वानुमति जरूरी,

यदि विवाहित हिन्दू की पत्नी परित्यक्ता के रूप में बिना तलाक लिए अलग रह रही है तब भी जरूरी,

कोर्ट ने कहा पत्नी की मंजूरी के बिना इसे वैध दत्तक ग्रहक नहीं माना जा सकता है,

याची के चाचा राजेंद्र सिंह वन विभाग में नौकरी करते थे,

सेवाकाल मेंं उनकी मृत्यु हो गई थी,

याची ने यह कहते हुए अनुकंपा आधार पर नियुक्ति की मांग की कि उसके चाचा ने उसे गोद लिया था,

उनका अपनी पत्नी फूलमनी से संबंध विच्छेद हो गया था,

लेकिन दोनों ने तलाक नहीं लिया था अलग रहते थे और उनके कोई संतान नहीं थी,

वन विभाग ने याची का प्रत्यावेदन खारिज कर दिया था जिसे कोर्ट में दी गई थी चुनौती,

मऊ के भानु प्रताप सिंह की ओर से दाखिल याचिका कोर्ट ने की खारिज,

जस्टिस जे जे मुनीर की एकल पीठ ने दिया आदेश।