April 20, 2026

फर्जी प्रसूति अस्पताल हुआ सील

Spread the love

भदोही।स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार भले ही गम्भीर हो।परंतु जिले का स्वास्थ्य महकमा संजीदा नही हैं।सरकार भले ही स्वास्थ्य विभाग में सुधार की बात कहकर अपनी पीठ थपथपाये लेकिन भ्रष्ट लोग अपनी नीति में परिवर्तन लाने के मूड में नही है l यह कहानी केवल स्वास्थ्य विभाग की नही है कमोवेश एक जैसी स्थिति हर विभाग में देखने को मिल रही है l इसकी एक और बानगी भदोही जिले में देखने को मिली। जहां बिना पंजीकरण के मनमानी ढंग से क्लीनिक खोलकर आम जनता को डाक्टर रूपी देवता बनकर दानव लूट रहे है लेकिन विभाग सब कुछ जानते हुये अंजान होने की बात और शिकायत होने पर आरोपी पर कार्यवाही की बात करते है। सीएमओ के द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के पांच माह बाद हुआ फर्जी अस्पताल सीज।
मालूम हो कि अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी ने भदोही के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत की थी कि औराई थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर नहर पर स्थित आदर्श पाली क्लीनिक बिना पंजीकरण के ही संचालित है जबकि संचालक द्वारा क्लीनिक के बोर्ड पर फर्जी पंजीकरण नंबर लिखकर सबके आंखों में धूल झोकता रहा। प्रबन्धक ने वाराणसी से आयुर्वेद और भदोही से होमियोपैथी का पंजीकरण कराया था और उसकी भी समय सीमा समाप्त हो चुकी थी, जबकि उक्त क्लीनिक पर आयुर्वेद व होमियोपैथ को धता बताकर एलोपैथिक विधि से लोगों का उपचार किया जाता है, हद तो तब हो जाती है जब यहां महिलाओं के प्रसुति व आपरेशन के कार्य को धडल्ले से अंजाम दिया जाता हैl शिकायत को संज्ञान में लेते हुये स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच में आरोप सच पाया व व्यापक पैमाने पर गडबडी पाई और प्रबंधक को जबाब देने के लिये नोटिस भेजने के उपरान्त भी किसी भी प्रकार का जवाब ना मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी भदोही के द्वारा 23 मई 2018 को उक्त अवैध क्लीनिंक के संचालनकर्ता अंजू गुप्ता, नीरज गुप्ता व आभा गुप्ता के विरुद्ध थाना औराई में एफआईआर दर्ज करवाया गया। लेकिन एफआईआर के पांच माह बाद भी फर्जी तरीके से अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी भदोही को पत्र देते हुए कारवाई की माँग की गई और जिस पर उनके द्वारा उक्त क्लीनिक की जांच कराई गई जिस जांच में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पुनः अवैध क्लीनिक का संचालन करते हुए पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी भदोही के द्वारा उक्त अवैध क्लीनिक को सीज करने हेतु स्वास्थ्य विभाग व उप जिलाधिकारी औराई को निर्देशित किया गया, जिस पर शनिवार को उप जिलाधिकारी औराई, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औराई व प्रशासन के सहयोग से उक्त अवैध क्लीनिक को सीज किया गया। गौरतलब हो कि जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डा सतीश सिंह का स्थानांतरण शुक्रवार को हुआ और फर्जी अस्पताल अगले ही दिन शनिवार को सील हुआ। इस बात पर लेकर भी तरह तरह की चर्चा का बाजार गर्म है लेकिन जब तक भदोही में कोई बतौर मुख्य चिकित्साधिकारी नही आते है तब तक डा सतीश सिंह के कन्धे पर ही जिले की जिम्मेदारी है।