April 21, 2026

पुस्तक मेले मे रामायण और गीता ग्रंथ की जमकर हुई बिक्री तो वही बाईबिल निःशुल्क बंटी, तो कुरान के लिये किया आर्डर-

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प्रयागराज ब्यूरो

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पुस्तक मेले मे रामायण और गीता ग्रंथ की जमकर हुई बिक्री तो वही बाईबिल निःशुल्क बंटी, तो कुरान के लिये किया आर्डर

====================== एंग्लो बंगाली इण्टर कालेज परिसर में लगे दस दिवसीय पुस्तक मेले के आठवें दिन शुक्रवार को भी भारी संख्या में पुस्तक प्रेमी पहुंचे। पुस्तक मेले में सभी धर्म ग्रन्थों की पुस्तकें भी काफी संख्या में बिक रही हैं। जहां हिन्दू धर्म से जुड़ी गीता और रामायण की बहुतायात मात्रा में बिक्री हो रही हैं, वहीं इस्लाम धर्म का पवित्र ग्रंथ कुरान को भी लोगों ने खरीदा।

जबकि पुस्तकों के महाकुंभ में एक ऐसा भी स्टाल रहा जहां पर निःशुल्क पवित्र शास्त्र भजनसंहिता और नीतिवचन ‘बाईबिल’ भारी संख्या में बांटी गयी। प्रभु ईशू मसीह के जीवनी पर लिखी बाईबिल को लोग हाथों-हाथ ले रहे थे। दि गिदोन इंटरनेशल ऑफ इण्डिया के स्टाल के विमल प्रसाद ने बताया कि उनके स्टाल से करीब 900 बाईबिल हिन्दी व अंग्रेंजी में निःशुल्क वितरित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि करीब 40 लेखकों के इस पवित्र शास्त्र पुस्तक को उनके अनुयायाी अंशदान कर हैदराबाद व दिल्ली समेत अन्य शहरों में छपवाकर निःशुल्क बांटते हैं।

लखनऊ के अहमदिया मुस्लिम कमेटी के स्टाल पर रखी पवित्र ‘कुरान’ को जहां मुस्लिमों ने खरीदा वहीं दर्जनों हिन्दू भाई भी इस्लाम को जानने के लिये लालायित दिखे और कुरान को खरीदा। स्टाल के शाहारून सैफी बताते हैं कि हिन्दी एवं अंग्रेंजी कुरान ग्रंथ की डिमाण्ड इतनी थी कि उन्हें दोबारा मंगवानी पड़ी है। बताया कि दर्जनों हिन्दू भाईयों ने भी इसे हाथों-हाथ लिया। जबकि संतोष और दिनेश सिंह ने आर्डर किया है। इसके साथ ‘ओमने इस्लाम’ और मोहम्मद साहब की जीवनी की पुस्तकें भी लोगों को खूब भा रहीं हैं। ‘मजहब के नाम पर खून’ और हिन्दी, उर्दू व अंग्रेंजी की मैत्री संदेश पुस्तकें भी काफी बिकीं।

सिन्धी भाषा की पुस्तकें भी खूब बिकीं

पुस्तक मेले में जहां हिन्दी, उर्दू और अंग्रेंजी भाषा की पुस्तकों की डिमाण्ड रही, वहीं सिन्धी भाषा की पुस्तकें भी काफी संख्या में बिकी। राष्ट्रीय सिन्धी भाषा विकास परिषद स्टाल के मयंक बताते हैं कि सिन्धी सीखने वाली पुस्तक ‘सिन्धी लिपि, ‘सिन्ध प्रदेश’ और ‘प्रैक्टिकल सिन्धी-अंग्रेंजी’ की डिक्सनरी खूब बिकी। इसके साथ डा0 हासोदा दलाणी की ‘सिन्धी नाविल जो विकास’ और भेरूमल मेहरचंद आडवाणी की पुस्तक ‘कदीम सिंध’ को भी लोगांे ने खरीदा।

‘अर्ली इण्डियन आर्ट एण्ड आर्कीटेक्चर’ व ‘अकबरनामा’ भी बिक रहे हाथों-हाथ

पीसी जैन की लिखी पुस्तक ‘अर्ली इण्डियन आर्ट एण्ड आर्कीटेक्चर’ भारतीय कला प्रकाशन स्टाल से सबसे अधिक मांग में है। इसके अतिरिक्त दूसरे नम्बर पर अबुल फजल की कृत ‘अकबरनामा’ व बुद्व की तलाश में चीनी बौद्व-यात्री ह्वेनसांग की लिखित पुस्तक ह्वेनसांग भी खूब लोगों को भा रही है। जिसका हिन्दी में अनुवाद किया है ठाकुर प्रसाद शर्मा, संपादक शांति स्वरूप बौद्व व प्राक्कथन डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने किया है। स्टाल के पीसी जैन बताते हैं कि ‘अलबेरूनी का भारत’ व आचार्य डॉ0 दुर्गा दास बसु का ‘भारत का संविधान’ एक परिचय भी लोग खरीद रहे हैं।