के.एम.बग्गा
*********
मिर्जापुर । देवमण्डल के न्यायाधीश शनिदेव का दिन था 19 जनवरी को और परिसर था संवैधानिक न्यायाधीशों का । महायुध्द की हालत प्रतीत हो रही थी लेकिन पुलिस की प्रत्युत्पन्नमति ने मामले को शांतिपर्व में बदल दिया ।
पुलिसिया वेश में मुलजिम
—
कचहरी परिसर में पेश होना था बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री हीरालाल पांडेय के अधिवक्तापुत्र पर शुक्रवार को हमला करने वाले कथित मुल्जिमों को । अधिवक्ता खार खाए बैठे थे । दिन ढल चुका था । पुलिस के माथे पर जाड़े में पसीना बह रहा था लेकिन SP श्री विपिन कुमार मिश्र और ASP श्री प्रकाश स्वरूप पांडेय ने अनहोनी भांप कर चार थानों की पुलिस की ड्यूटी लगाई और कथित मुलजिम पुलिस वेश में कोर्ट में हाजिर हुए जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया ।
मामला गरम था
–
शनिवार को सूर्य भगवान अस्ताचल की ओर प्रस्थान कर गए । पुलिस अधिकारियों ने कोशिश की कि गिरफ्तार चार लोगों को न्यायाधीश के आवास पर पेश किया जाए लेकिन न्यायाधीश ने इस प्रस्ताव को नहीं माना तथा कोर्ट में ही सुनवाई का निर्णय लिया । कचहरी के सभी गेट पर अधिवक्ता पहरेदारी कर रहे थे । युवा अधिवक्ता तैश में भी थे जिसकी भनक पुलिस अधिकारियों को लग गयी थी ।
समझौते का भी चल रहा था प्रयास
—
एसोसिएशन के अध्यक्ष की रिश्तेदारी सीखड़ में है । वहां से भी हमलावरों के रिश्तेदार आकर समझौते का प्रयास कर रहे थे । इसी बीच अंधेरे में पुलिस ने कथित मुल्जिमों को कोर्ट में खड़ा कर दिया । पुलिस के Presence of mind से महाभारत की संरचना पर विराम लग गया ।





More Stories
यूपी विद्युत नियामक आयोग ने 8 मई को बुलाई बड़ी बैठक –
यूपी में 4 मई को होने वाले निकाय चुनाव के मतदान से पहले भारत-नेपाल की सीमा को किया जाएगा सील-
सीआईएसएफ की परीक्षा में पकड़े गए दो मुन्ना भाई-