निदेशक महिला कल्याण विभाग मनोज राय की अध्यक्षता में कोविड-19 से प्रभावित बच्चों के सुरक्षा एवं संरक्षण के सम्बन्ध में प्रदेश के समस्त जनपदों में संचालित
जिला बाल संरक्षण इकाई के साथ की गयी ऑनलाइन बैठक
कोविड महामारी से प्रभावित हुए बच्चों की पहचान करने हेतु ज़िला बाल संरक्षण इकाई मुख्य भूमिका निभाते हुये ब्लॉक बाल संरक्षण समिति, ग्राम बाल संरक्षण समिति एवं निगरानी समितियों के साथ समन्वय स्थापित करने के दिये गये निर्देश
ज़िला बाल संरक्षण इकाई द्वारा चाइल्ड लाइन 1098 एवं
महिला हेल्प लाइन 181 की व्यापक प्रचार प्रसार करे
बिना विधिक कार्यवाही के किसी बच्चे को रख लेता है तो किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुसार उसे 3 वर्ष की सज़ा एवं 1 लाख रूपये का जुर्माना हो सकता है
बच्चा गोद लेने हेतु सीएआरए वेबसाइट पर या जानकारी प्राप्त करने के लिए बाल कल्याण समिति या ज़िला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क कर सकते है





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