निदेशक कोषागार पर लगा भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप। शासन ने निदेशक कोषागार द्वारा 39 प्रशिक्षणाधीन अधिकारियों की तमाम नियमों का उल्लंघन और भारी भ्रस्टाचार करते हुए नियम विरुद्ध तैनाती देने को गंभीरता से लेते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
बताते चलें कि निदेशक कोषागार ने अधिकारियों को बिना प्रशिक्षण पूरा किये ही नियुक्ति दी है। इन अधिकारियों के नियुक्ति अधिकारी श्री राज्यपाल होने के कारण तैनाती नियुक्ति का अधिकार और दायित्य शासन में निहित होने के बाद भी नियुक्ति किया। इसके अलावा शासन द्वारा कोविड काल स्थानांतरण पर रोक के बाद भी नियुक्ति का आरोप है।
शासन ने इसको कदाचार और भ्र्ष्टाचार मानते हुए दो दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।

More Stories
यूपी विद्युत नियामक आयोग ने 8 मई को बुलाई बड़ी बैठक –
यूपी में 4 मई को होने वाले निकाय चुनाव के मतदान से पहले भारत-नेपाल की सीमा को किया जाएगा सील-
सीआईएसएफ की परीक्षा में पकड़े गए दो मुन्ना भाई-