सोलन जिला अदालत का फैसलाः नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी कर्मकांडी पंडित को 15 साल की सजा
सोलन. नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी कर्मकांडी पंडित को कोर्ट ने 15 साल की सजा सुनाई है. मामला हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से संबंधित है. दोषी पर 25 हजार जुर्माना भी लगाया गया है.
जानकारी के अनुसार, स्पेशल पॉक्सो फास्ट ट्रैक कोर्ट, सोलन के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश परविंद्र सिंह अरोड़ा की अदालत ने कर्मकांड के बहाने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को 15 साल के लिए जेल भेजा है.
कर्मकांड और पूजा-पाठ का काम करने वाले सेवक राम ने अभिमंत्रित चावल देने के बहाने 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म किया था. अदालत ने उसे आईपीसी 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा-4 के तहत यह सजा सुनाई है. जुर्माना ना देने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सामान्य कैद भुगतनी होगी.
महिला पुलिस थाना सोलन में 13 जुलाई 2019 को मामला दर्ज हुआ था. नाबालिग की मां ने अपनी बेटी और उसके छोटे भाई को उक्त व्यक्ति के पास मंत्र वाले चावल लेने के लिए भेजा. दोषी सेवक राम ने भाई को लवीघाट से इलायची लेने के लिए भेज दिया और नाबालिग को पूजा कक्ष के अंदर बुलाकर जबरन दुष्कर्म किया. पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने उससे कहा कि अगर वह अपने मंगेतर से शादी करना चाहती है तो उसे उसके साथ सात बार यह कार्य करना होगा. इस तरह आरोपी ने कर्मकांड की आड़ लेकर नाबालिग के साथ यह कृत्य किया.
नाबालिग को 9 लाख रुपये देने के आदेश
जिला न्यायवादी मोहिंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक सुनील दत्त वासुदेवा ने की. कोर्ट ने टिप्पणी कर कहा कि दोषी ने पीड़िता को अभिमंत्रित चावल देने के बहाने इस तरह के कृत्य को अंजाम दिया. अदालत ने नाबालिग को सरकारी खाते से नौ लाख रुपये की राहत राशि देने के भी आदेश दिए हैं. इसमें से 80 प्रतिशत राशि एफडीआर के रूप में जमा करवाई जाएगी, जबकि 20 फीसदी राशि राहत के रूप में देने के आदेश दिए गए हैं.

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