वाराणसी/दिनाक 05 अप्रैल, 2023 (सू0वि0)
*नगरीय निकाय निर्वाचक नामावली संक्षिप्त पुनरीक्षण 2023 में परिवर्धन, संशोधन तथा विलोपन की होगी कार्यवाही*
*निर्वाचक नामावली की कोई प्रविष्टि सुधारी या निष्कासित की जानी चाहिए या रजिस्ट्रीकरण के लिए हकदार किसी व्यक्ति का नाम निर्वाचक नामावली में परिवर्धन किया जाना चाहिए*
*नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन 2023 की अधिसूचना किसी भी समय निर्गत की जा सकती हैं*
*ऐसे स्थिति में अधिसूचना निर्गत होने से पूर्व तक जो दावे/आपत्तियां प्राप्त होगी, उनका निस्तारण करते हुए नामांकन के अन्तिम दिनाक तक निर्वाचक नामावली में परिवर्धन संशोधन तथा विलोपन की कार्यवाही की जा सकती हैं*
वाराणसी। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, नगर निकाय निर्वाचक नामावली रण विजय सिंह ने समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम, द्वितीय, तृतीय), अपर उप जिलाधिकारी (सदर) एवं डिप्टी कलेक्टर (माल), अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/समस्त जोनल अधिकारी (वरुणापार, भेलूपुर, दशाश्वमेध, कोतवाली एवं आदमपुर)
नगर निगम, निर्वाचक नामावली संक्षिप्त पुनरीक्षण 2023, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/उप जिलाधिकारी (राजातालाब), अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/तहसीलदार (राजातालाब) नगर पंचायत गंगापुर निर्वाचक नामावली संक्षिप्त पुनरीक्षण 2023 को नगरीय निकाय निर्वाचक नामावली संक्षिप्त पुनरीक्षण 2023 में परिवर्धन, संशोधन तथा विलोपन के सम्बन्ध में राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पत्र प्रेषित कर अवगत कराया है कि उ०प्र० नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 12 व एवं उ०प्र० नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा-35 (5) में दिये गये प्राविधान के अनुसार निर्वाचक नामावली की कोई प्रविष्टि सुधारी या निष्कासित की जानी चाहिए या रजिस्ट्रीकरण के लिए हकदार किसी व्यक्ति का नाम निर्वाचक नामावली में परिवर्धन किया जाना चाहिए। अतएवं राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। आयोग के निर्देशानुसार नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन 2023 की अधिसूचना किसी भी समय निर्गत की जा सकती हैं। ऐसे स्थिति में अधिसूचना निर्गत होने से पूर्व तक जो दावे/आपत्तियां प्राप्त होगी, उनका निस्तारण करते हुए नामांकन के अन्तिम दिनाक तक निर्वाचक नामावली में परिवर्धन संशोधन तथा विलोपन की कार्यवाही की जा सकती हैं। किसी भी एक व्यक्ति से समूह में दावा/आपत्तियां न प्राप्त किया जाय। इस अवधि में बारीकी से जांच करके ही दावे/आपत्तियों का निस्तारण नियमानुसार कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित किया जाय।
राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने पत्र द्वारा नगरीय निकाय निर्वाचक नामवली 2022 में परिवर्धन, संशोधन तथा विलोपन की कार्यवाही के संबंध में निर्देशित किया है कि उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा-12च में निम्नवत् प्रावधान है कि जहाँ निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का चाहे उसका दिये गये किसी आदेश पत्र पर या स्वप्रेरण से ऐसी जाँच करने के पश्चात् जिसे वह उचित समझे यह समाधान हो जाय कि निर्वाचक नामावली की कोई प्रविष्टि सुधारी या निष्कासित की जानी चाहिए या रजिस्ट्रीकरण के लिये हकदार किसी व्यक्ति का नाम निर्वाचक नामावली में परिवर्धन किया जाना चाहिये, वहाँ वह इस अधिनियम और उसके अधीन बनाये गये नियगों ओर दिये गये आदेशों के अधीन रहते हुये, किसी प्रविष्टि का यथास्थिति निष्कासन सुधार या परिवर्धन करेगा-परन्तु ऐसा कोई सुधार या निष्कासन जो किसी व्यक्ति के हित पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला हो उसके विरूद्ध प्रस्तावित कार्यवाही के संबंध में सुनवाई का समुचित अवसर दिये बिना नहीं किया जायेगा। उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा-35 (5) में निम्नवत् प्रावधान जहाँ निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का चाहे उसको दिये गये किसी
आवेदन पत्र पर या स्वप्रेरणा से ऐसी जाँच करने के पश्चात् जिसे वह उचित समझे यह समाधान हो जाए कि निर्वाचक नामवली में कोई प्रविष्टि सुधारी या निष्कासित की जानी चाहिए या रजिस्ट्रीकरण के लिये हकदार किसी व्यक्ति का नाम निर्वाचक नामावली में परिवर्धित किया जाना चाहिये, वहाँ वह इस अधिनियम के और तदधीन बनाये गये नियमों और आदेशों के अधीन रहते हुये किसी प्रतिष्टि का यथास्थिति सुधार व निष्कासन या परिवर्धन करेगा, किन्तु प्रतिवन्ध यह भी है कि ऐसा कोई सुधार निष्कासन परिवर्धन, कक्ष के किसी निर्वाचन के लिये नामनिर्देशन होने के अंतिम दिनांक के पश्चात् और उस निर्वाचन के पूरा होने के पूर्व नहीं किया जायेगा। किन्तु प्रतिबन्ध यह भी कि किसी व्यक्ति से सम्बन्धित प्रविष्टि का ऐसा कोई सुधार या निष्कासन जो उसके हित पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला हो, उसे विरुद्ध प्रस्तावित
कार्यवाली के सबंध में सुनवाई का समुचित अवरार दिये बिना नहीं किया जायेगा। नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन 2023 की अधिसूचना किसी भी समय निर्गत की जा सकती है। ऐसी स्थिति में अधिसूचना निर्गत होने से पूर्व तक जो दावे एवं आपत्तिया प्राप्त होंगी उनका निस्तारण करते हुए नामांकन के अन्तिम दिनांक तक निर्वाचक नामावली में परिवर्धन, संशोधन एवं विलोपन की कार्यवाही की जा सकती है।




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