April 17, 2026

डिप्रेस्ड-हिंसक हो रहे जवान?

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डिप्रेस्ड-हिंसक हो रहे जवान? छुट्‌टी में कटौती, 16-16 घंटे ड्यूटी, 100 दिन लीव जैसी कई घोषणाएं बार-बार बोलने के बावजूद लागू नहीं, नतीजा- तनाव, हताशा, सुसाइड

घोषणा 1. सुरक्षा बल जवानों को 100 दिन की छुट्टी मिलेगी.
घोषणा 2. CAPF जवानों को घर के पास दी जाएगी पोस्टिंग.
घोषणा 3. बॉर्डर पर 100 दिन बीवी-बच्चों को साथ रख सकेंगे BSF जवान.
अभी अन्य और भी….

परिवारों से सालों दूर रहकर बॉर्डर की सुरक्षा करने वाले जवानों के लिए ये घोषणाएं संजीवनी बूटी की तरह थी. साल 2019 में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पहली बार छुट्टियां 75 की जगह 100 करने की घोषणा की. फिर ऐसे कई मौके आए जब शाह ने भारत-पाक बॉर्डर, कश्मीर दौरे पर यही बात दोहराई भी लेकिन हकीकत में ये घोषणाएं लागू न हो सकीं. नतीजा ये हुआ कि जवानों ने धैर्य खोना शुरू कर दिया. किसी ने खुद को गोली मार ली तो किसी ने अपने ही साथी की जान ले ली.

जोधपुर में CRPF के नरेश जाट के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. अफसरों ने छुट्टी नहीं दी तो वो आपे से बाहर हो गया. रायफल से खुद को गोली मार ली. ऐसा करने वाले नरेश जाट अकेले नहीं हैं. होम मिनिस्ट्री की रिपोर्ट बताती है कि साल 2012 से लेकर साल 2021 तक पिछले 10 साल में CAPF के 1205 जवानों ने सुसाइड कर चुके हैं. मरने से पहले वीडियो बनाकर नरेश ने बताया, उसने 1 सितम्बर 2019 को RTC जोधपुर के नाम से सूरतगढ में रिपोर्ट किया था. वहां से दो महीने बाद वापस जोधपुर पहुंचा. यहां पर ड्यूटी कर रहा था, लेकिन उसे छुट्‌टी नहीं मिली तब वो साहब के पास पहुंचा था. कोविड टाइम में RTPCR लेने गया और एक्सिडेंट हो गया जिससे छुट्‌टियां लेनी पड़ी तब DIG भूपेन्द्र साहब ने बख्श दिया और ड्यृटी पर ले लिया. उन्होंने उसे सूरतगढ भेजा. वहां नरेश का गार्ड कमांडर से झगड़ा हुआ. उसने नरेश के हाथ पर काटा और बचाव में नरेश की कोहनी से गार्ड कमांडर की आंख पर लग गई, लेकिन उसने नरेश पर राइफल के बट्ट से मारने का आरोप लगा दिया.

नरेश ने बताया कि वह संतरी की पोस्ट पर था, इसलिए उसके नाम से राइफल इश्यू थी. गार्ड कमांडर ने इसका फायदा उठाते हुए राइफल कॉक करने की झूठी बात कही, जबकि उसने ऐसा कुछ नहीं किया था. नरेश ने कहा कि- उसने अपनी ड्यूटी अच्छे से की. उसे फैमिली परमिशन होने के बावजूद सूरतगढ ड्यूटी पर भेजा गया. उसने बताया कि गार्ड कमांडर से हुए झगडे के बाद उसे पांच दिन से कहीं आने जाने नहीं दिया जा रहा था. उसकी ड्यूटी भी नहीं लगा रहे थे और गेट पास भी नहीं दिया जा रहा था. उसने कहा कि छोटा कर्मचारी हूं इसलिए कोई उसकी सुन भी नहीं रहा था. इस वजह से सुसाइड कर लिया.

वो दुःखद घटनाएं जब हिंसक हुए CAPF जवान-
9 JUN 2022:
झारखंड के चतरा में मामूली बहस के बाद CRPF जवान कालूराम गुर्जर ने AK-47 से अपनी ही यूनिट के रसोइया रविंद्र कुमार पर गोली चला मर्डर कर दिया. इसके बाद कालूराम ने खुद को भी गोली मार ली. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी.

7 नवम्बर 2021:
बीवी पर किये गए उल्टे-सीधे कमेंट से परेशान छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के लिंगनपल्ली कैंप में CRPF जवान ने अपने 4 साथियों की गोली मारकर हत्या कर दी.

6 मार्च 2022:
पंजाब के अमृतसर में BSF के ही एक जवान ने अपने 4 साथियों पर ओपन फायरिंग कर दी थी, चारों की मौत हो गई थी. इलाज के दौरान फायरिंग करने वाले जवान की मौत हो गई.

7 मार्च 2022:
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक BSF जवान ने पहले अपने साथी की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद खुद सुसाइड कर लिया.

CAPF में सुसाइड रोकने के लिए अक्टूबर 2021 में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया था. वहीं केंद्र सरकार द्वारा जवानों का तनाव दूर करने के लिए उन्हें योग, ध्यान और ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ जैसे कोर्स भी कराए जाने शुरू किए गए. इसके बाद घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है. टास्क फोर्स के दिए सुझावों पर ही जवानों के लिए मोटिवेशनल क्लासेज, योगा क्लासेज और आर्ट ऑफ लिविंग जैसे कोर्स करवाए जा रहे हैं. जवानों के लिए काम करने वाली संस्था कंफेडेरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस मार्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने बताया कि अर्धसैनिक बलों में वैकेंसी बहुत ज्यादा है, ऐसे में मौजूदा जवानों को 16 से 18 घंटे तक ड्यूटी करनी पड़ रही है. उनकी पोस्टिंग भी अपने-अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर है। ये सब बातें उन्हें तनाव में ला रही है. रणबीर सिंह ने बताया कि बे मौसम चुनाव और प्राकृतिक आपदाओं के चलते जवानों की छुट्टियां भी लगातार कैंसिल होती हैं. पेंशन को लेकर फ्यूचर की अनसिक्योरिटी भी है.

CRPF के रिटायर्ड SI व वर्तमान में जवानों के लिए काम कर रही संस्था से जुड़े वीएस कदम ने बताया कि जवानों के साथ सीनियर्स का सौतेला व्यवहार भी उन्हें हिंसक और आत्मघाती बना रहा है. जनवरी 2020 में बिहार के राजगीर स्थित CRPF ट्रेनिंग सेंटर में जवान की मामूली बात से नाराज होने पर डीआईजी ने जवान पर खौलता पानी फेंक दिया. घटना में जवान का चेहरा बुरी तरह से जल गया था. सुविधाओं के नाम पर भी जवानों के लिए कुछ नहीं है. टॉयलेट्स से लेकर मेस और सोने के लिए भी ढंग की जगह नहीं होती है. अधिकतर गरीब परिवारों से होते है. फैमिली प्रॉब्लम भी होती है. ऐसे में छोटी गलती पर अधिकारियों द्वारा दी जाने वाली भयानक सजा भी डिप्रेशन का बड़ा कारण है.