*वाराणसी*
*जिले के पुलिस विभाग में ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर पैसों के लेन देन कर पोस्टिंग करने का चल रहा खुला खेल*
*पैसा ले देकर पोस्टिंग करवाने का ऑडियो वायरल*
आज वर्तमान कप्तान और डीएम की कार्यशैली से जुड़ी ऑडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रहा है
जहां पर आज प्रदेश में भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लग रहा यह भी पूर्णत: सत्य है भ्रष्टाचारियों का बोलबाला जारी है डीएम से कहवाए रहे, एसएसपी मान जाए तब ना… ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल पुलिस माफिया अपने दम पर इर्द-गिर्द स्थापित कर दलालों की जुगत से अंजाम दे रहे हैं ! भ्रष्टाचार विरोधी ताकतों का फर्जी मुकदमे में फंसा कर कोई जाने का काम भी ईमानदार और नेक रक्षक जो लुटेरे के रूप में हैं वह करने में कामयाब हो रहे हैं !
वाराणसी के चोलापुर थाने में तैनात रहे एक सिपाही का ट्रांसफर होने पर उसकी री-पोस्टिंग कराने को लेकर दो लोगों की बातचीत की ऑडियो क्लिप शुक्रवार की देर रात सोशल मीडिया में वायरल हुई। बातचीत करने वाला एक व्यक्ति कह रहा था कि डीएम से कहवाए रहे… एसएसपी मान जाए तब ना…! वहीं, एसएसपी ने इस पूरे प्रकरण की जांच का आदेश देकर रिपोर्ट तलब की है।
सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो क्लिप के अनुसार, चोलापुर थाने के एक सिपाही का हाल ही में किसी अन्य थाने के लिए तबादला हो गया है। उसी को चोलापुर थाने में दोबारा तैनात कराना है। इसे लेकर एक व्यक्ति दूसरे को फोन पर कहता है कि अभी एसएसपी बंगले से निकल रहे हैं… गाड़ी का हॉर्न सुनो और उससे कहो कि कुछ खर्चा करे…। इस पर दूसरा कहता है कि अरे ऊ सिपाही चोलापुर आ जाएगा तो जो आप कहेंगे वही करेगा…। पैसा ही सब कुछ नहीं होता है, आपके कहने पर वह दो-तीन फर्जी मुकदमे भी दर्ज कराएगा
इसके बाद पहला व्यक्ति कहता है कि एक दरोगा भी है, वह भी थानेदारी के लिए 10 लाख रुपये लेकर पोस्टिंग के लिए तैयार खड़ा है…। इस बीच बातचीत करने वाले दोनों लोगों ने पुलिस और कुछ जाति विशेष के लोगों को लेकर गालीगलौज और अपमानजनक बातें भी कहीं !
क्लिप की जांच कराई जाएगी संलिप्त व्यक्ति पर मुकदमा कर कठोर कार्रवाई होगी एसएसपी वाराणसी
इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि वायरल ऑडियो क्लिप की जांच कराई जाएगी। जिस किसी की भी संलिप्तता उजागर होगी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिस सिपाही और दरोगा के संबंध में बातचीत हुई है, उनके खिलाफ भी जांच करा कर साक्ष्य के आधार पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी !
आम जनता के जहन में एक सवाल जरूर है कि नेक और ईमानदार कार्यशैली पर इस तरह का आरोप सवालिया निशान खड़ा करता है और सरकार को ऐसे अधिकारियों पर भी निगाह रखते हुए जांच करानी चाहिए की वर्तमान स्थिति में सच और झूठ में क्या अंतर है कैसे मान लूं कि कौन सच्चा है !!

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