लखनऊ
जानकीपुरम में 27 फरवरी को युवक का अपहरण कर मरणासन्न अवस्था में फेंका गया था।
वारदात को अंजाम देने वाले अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर।
यह भी घटना पुरानी घटनाओं की तरह पुलिस की नजर में कोई मायने नही रखती।
आज भी युवक की हालत नाजुक बनी हुई है और जानकीपुरम पुलिस लापरवाह।
इतनी बड़ी वरदात की 27 फरवरी को रात में युवक का अपहरण दूसरे दिन मरा समझ कर नहर किनारे युवक को फेक दिया जाता है और जानकीपुरम पुलिस की घोर लापरवाही अभी भी जारी है
इन मामलों में पुलिस कमिश्नर लखनऊ डीके ठाकुर की नजर क्यों नहीं पड़ती है।
*सूत्रों की मानें तो जानकीपुरम प्रभारी निरीक्षक सिर्फ जमीनों के मामलों को गंभीरता से ही लेतें है ।*
इस तरह की घटनाएं प्रभारी निरीक्षक की नजर में कोई मायने नहीं रखतीं।

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